भारत में उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल ऐसे राज्य हैं जहां पर इन्हीं में से काट कर अलग राज्य बनाने की मांग उठ रही थी. लेकिन अब इन मांगों पर विराम लग गया है. इसकी वजह ये है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद ने लोकसभा में कहा है कि ए राज्य के गठन का कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है.
Trending Photos
)
केंद्र सरकार के पास नए राज्य के गठन का कोई भी प्रस्ताव इस वक्त विचाराधीन नहीं है. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में ये जानकारी दी है. लोकसभा में एक सांसद ने गृह मंत्रालय से ये जानकारी मांगी थी. सांसद कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल ने लोकसभा में लिखित सवाल किया था कि क्या सरकार को बुंदेलखण्ड राज्य के गठन का कोई प्रस्ताव प्राप्त हुआ है?
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने इसके जवाब में बताया कि ऐसा कोई प्रस्ताव अभी सरकार के पास विचाराधीन नहीं है. नित्यानंद राय ने कहा कि नए राज्यों के सृजन के ताल्लुक से सरकार को विभिन्न मंचो/संगठनों से प्रस्ताव/अनुरोध प्राप्त होते हैं. हालांकि किसी नए राज्य के सृजन के संबंध में अभी कोई भी प्रस्ताव सरकार के पास विचारधीन नहीं है.
यूपी में उठ रही अलग राज्य बनाने की मांग
ख्याल रहे कि उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड इलाके के लोग काफी दिनों से मांग कर रहे हैं कि इस इलाके को काट कर एक अलग प्रदेश बनाया जाए. लेकिन नित्यानंद के जवाब के बाद बुंदेलखंड की मांग करने वाले लोगों को बड़ा धक्का लगा है. इसी साल 13 फरवरी को बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की मांग उठी थी. ये मांग हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद कुंवर पुष्पेंद्र ने की थी. उन्होंने कहा था कि "बुंदेलखंड को एक जमीन का टुकड़ा न समझकर अलग प्रांत बनाने की व्यवस्था की जाए."
यह भी पढ़ें: संघ ने राहुल गांधी और तौकीर रजा से देश को बताया खतरा; समलैंगिक शादी पर दी ये नसीहत
बंगाल में नहीं बनेगा अलग राज्य
इसी तरह से पश्चिम बंगाल में एक तबका ऐसा है जो सालों से ये मांग करता आया है कि उत्तर बंगाल को राज्य बनाया जाए. इस मांग से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता ममता बनर्जी परेशान थीं. उनको ये आशंका थी कि अगर बंगाल को काटकर एक और राज्य बनाया जाएगा तो यहां बीजेपी अपनी सरकार बना लेगी. इस प्रस्ताव के पास होने से ममता बनर्जी की आशंकाओं पर विराम लग गया है. हाल ही में अलीपुरद्वार से भाजपा सांसद और कुछ नेताओं ने उत्तरी बंगाल को अलग राज्य बनाने की मांग की थी. लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इसी साल 13 फरवरी को अलग राज्य मांग के खिलाफ पश्चिम बंगाल विधान सभा में प्रस्ताव पेश किया. प्रस्ताव के समर्थन में 185 मत पड़े. इसके साथ ही प्रस्ताव को विधानसभा से पास कर दिया गया.
Zee Salaam Live TV: