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नई दिल्ली : RBI गवर्नर शक्तिकांत दास आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए मीडिया से मुखातिब हुए. उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते हिंदुस्तान की मईशत को नुकसान झेलना पड़ रहा है. लॉकडाउन से मईशत को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए आज उन्होंने कई बड़े ऐलान किए.उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से होने वाला नुकसान को रोकने के लिए हर कोशिश जारी है. आरबीआई अपनी तरफ से हर मुमकिन कोशिश कर रहा है.
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना के असरात हो देखते हुए आरबीआई पूरी तरह तैयार है. मरकज़ी बैंक ने मुल्क में आर्थिक मंदी से निबटने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. रिजर्व बैंक इसकी करीब से निगरानी कर रहा है. दास ने कहा कि 2020 वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी मंदी का साल है.
जुमे यानि 17 अप्रैल को आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट 4 % से घटाकर 3.75% किया गया है. रिवर्स रेपो रेट में 25 बेसिस प्वॉइंट की कमी की गई है. यानि अब रिजर्व बैंक सभी बैंकों को कम ब्याज देगा. ऐसे में बैंक अपने पास ज्यादा रखेंगे. बैंको को ये पैसा आखिरकार बाजार में ही लगाना होगा. यानि बाजार में लिक्विडिटी बनी रहेगी.आरबीआई ने थ्री लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशन (TLTRO) 2.0 की शुरुआत 50 हजार करोड़ रुपये से की है और आगे जरूरत पड़ने पर इसे 50 हजार करोड़ से ज्यादा बढ़ाने की भी बात की.
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि मुल्क के पास विदेशी मुद्रा का मजबूत भंडार है. हालांकि, मार्च में देश के निर्यात के हालात बेहद खराब रहे हैं. फॉरेक्स रिजर्व अभी 476.5 अरब है. उन्होंने कहा कि G-20 मुल्कों में हिंदुस्तान की हालात बेहतर रहेंगे.
RBI में मैं अपनी 150 ऑफिसर, स्टाफ की टीम की सराहना और शुक्रिया अदा करना चाहूंगा, जो क्वारंटाइन में अपने फैमिली से दूर हैं और 24 घंटे काम पर हैं ताकि जरूरी सर्विसेज़ चलती रहें. भारत उन मुट्ठी भर मुल्कों में है जहां पॉज़टिव ग्रोथ रेट दिखी है जो 1.9 फीसद के आसपास हैं.
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