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गुरुग्राम: गुरुग्राम में अवामी जगहों पर नमाज़ विवाद में एक नया मोड़ आ गया है. गुरुग्राम के सदर बाज़ार गुरुद्वारा कमेटी मुस्लिम समाज के लिए आगे आया है और भाईचारे की एक नई मिसाल पेश की है. गुरुद्वारा कमेटी ने मुस्लिम समाज के लोगों को कहा है कि अगर उन्हें गुरुग्राम में नमाज़ अदा करने में परेशानी आ रही है तो वो गुरुद्वारे में आकर कोविड प्रोटोकॉल के तहत नमाज़ अदा कर सकते हैं.
गुरुद्वारा सिंह साहेब गुरुग्राम कमेटी के अध्यक्ष शेरदिल सिंह सिद्धू का कहना है कि गुरुद्वारा गुरुओं का घर है और गुरु के घर में आने पर किसी भी धर्म के व्यक्ति पर रोक नहीं है. अगर कोई अपनी इबादत यहां आकर करना चाहता है तो वो गुरुद्वारे के बेसमेंट में अपनी इबादत कर सकता है.
देखिए ये रिपोर्ट...
दरअसल, पिछले कई दिनों से गुरुग्राम में खुले में नमाज़ अदा करने की कुछ हिंदू संगठनों की तरफ से मुखालिफत की जा रही है, जिसकी बुनियाद पर प्राशासन ने ज्यादा तर जगहों पर खुले में नमाज़ अदा करने पर पाबंदी लगा दी है.
गौरतलब है कि करीब तीन साल पहले गुरुग्राम प्राशासन ने करीब 37 जगहों पर मुसलमानों को खुले में नमाज़ अदा करने की इजाज़त दी थी. हालांकि उसी वक्त से प्रशासन के इस फैससे की मुखालिफत शुरु हो गई थी, लेकिन पिछले कुछ समय से हिंदू संगठनों की तरफ से मुखालिफत में शिद्दत आई है. पिछले 29 अक्टूबर को सेक्टर 12 में खुले में हो रही नमाज को बाधित करने के इल्जाम में पुलिस ने 30 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था.
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