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Gyanvapi: "शिवलिंग फव्वारा है तो चला कर दिखाएं", मुस्लिम पक्ष ने कहा, "हम दिखा देंगे"

ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर के सर्वे में मिले कथित शिवलिंग पर कोर्ट में सुनवाई के पहले ही दोनों पक्ष खुद को सही और दूसरे को गलत साबित करने पर तुला हुआ है.

अलामती तस्वीर
अलामती तस्वीर

वाराणसीः ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर के सर्वे की रिपोर्ट अदालत में पहुंचने के पहले ही लीक कर  दी गई. इसमें जहां हिंदू फरीक ने सर्वे के दौरान मस्जिद में शिवलिंग मिलने का दावा किया, वहीं मुस्लिम पक्ष ने इसे महज एक पानी का फव्वारा बताकर हिंदू पक्ष के दावों को खारिज कर दिया है. सर्वे में क्या मिला है, इसपर कोर्ट को फैसला करना है, लेकिन इससे पहले ही दोनों पक्ष अपने-अपने दावे को लेकर कोर्ट के बाहर ही अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं. 
 
वजूखाने के तहखाने की जांच की जाए
इसी बीच ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने ज्ञानवापी मस्जिद के वजू खाने में मिले ’शिवलिंग’ को फव्वारा बताने वाले मुस्लिम फरीक को अपना दावा साबित करने की चुनौती दी है. जैन ने बुधवार को कहा कि मुस्लिम पक्ष ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले शिवलिंग को फव्वारा बता रहा है और अगर वह वाकई फव्वारा है तो वह उसे चला कर दिखाएं. उन्होंने कहा कि अगर वह फव्वारा है तो उसके नीचे पानी की सप्लाई की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए. जहां शिवलिंग मिला है उसके नीचे तहखाने की जांच की जाए और शिवलिंग के साइज को नापने की भी इजाजत दी जाए.

हम उसे चला कर दिखा देंगे
इस बीच, ज्ञानवापी मस्जिद के केयर टेकर संस्था 'अंजुमन इंतजामिया मसाजिद’ के संयुक्त सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने कहा कि उस फव्वारे की जांच कराने का मौका दिया जाए और वह इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने कहा  “अगर हमें इजाजत दी जाए तो हम उस फव्वारे के नीचे पाइप लगाकर पानी निकालने को भी तैयार है. हौज (जलकुंड) में पहले सरकारी पाइप से पानी भरा जाता था, अब कुएं से जेट पंप लगाकर पानी भरा जाता है. फव्वारे का पाइप अलग है. फव्वारे के पास भी पाइप लगा है ताकि पानी का फव्वारा निकले.“ यासीन ने बताया कि फव्वारे की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, उसमें ऊपर की तरफ चार निशान बने हुए हैं. उन्हीं में से फव्वारा निकलता था. हम उसे चला कर दिखा देंगे.

फव्वारे में पानी निकलने के लिए बना है छेद 
मोहम्मद यासीन ने बताया कि सर्वे वाले दिन उन निशानों में से एक में एक सलाई डाली गई थी जो लगभग 64 सेंटीमीटर अंदर चली गई थी. यानी कि वह छेद है जिसमें से पानी निकलता था. यासीन ने बताया कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह हौज की सफाई के वक्त का है जो लॉकडाउन के वक्त कराई गई थी और हर छह महीने पर हौज की सफाई कराई जाती है.

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सर्वे के बाद शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप 
गौरतलब है कि पिछली 16 मई को अदालत के हुक्म पर कराए गए ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंदू फरीक ने मस्जिद के वजू खाने में बने हौज में शिवलिंग मिलने का दावा किया था. उसके बाद अदालत के हुक्म पर उस मुकाम को सील कर दिया गया है. वहीं, मुस्लिम फरीक शुरू से ही शिवलिंग बताए जा रहे पत्थर को फव्वारा करार दे रहा है.

Zee Salaam

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