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नई दिल्ली: कोरोना वायरस की महामारी के दौरान लोगों की खिदमत में लगे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सिक्योरिटी के मामले पर समाअत करते हुए कहा कि यह लोग जंगजू (योद्धा) हैं और इनके परिवारों की सिक्योरिटी बेहद ज़रूरी है. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि सर्विस सेक्टर के लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं ऐसे में उनकी सेहत और दिमागी हालत का भी ध्यान रखना ज़रूरी है.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि PPE किट वगैरा का तेज़ी से इंतेज़ाम किया जा रहा है और पॉजिटिव लोग किसी को मुतास्सिर न करें इसका भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है. इसके अलावा तुषार मेहता ने यह भी बताया कि PPE किट, मास्क वगैरा की ख़रीद के लिए डॉक्टरों और दीगर मुलाज़िमीन की तंख्वाह में कटौती नहीं की जाएगी. इसके लिए मरकज़ी हुकूमत सभी रियासतों को लिखेगी.
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इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि प्राइवेट लैब में कोरोना जांच की फीस के लिए मरीज़ से पैसे लिए जाने के बजाय हुकूमत उस जांच फीस को भरे. हम इस मसले पर हुक्म पास करेंगे. इस पर सॉलिसिटर जनरल ने इस पर हुक्म लेने की बात कही है.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में एक अर्ज़ी में प्राइवेट लैब के ज़रिए कोरोना की जांच के लिए 4500 रुपये तक लेने की इजाज़त देने वाली इत्तेला को चुनौती दी गई है. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट लैब को कोरोना जांच के लिए टेस्ट फीस लेने की इजाज़त नहीं होनी चाहिए.