हिजाब या किताब? मौलवियों व मर्दों ने अपनी अना ऊंची रखने के लिए इस्लाम को बनाया ढाल

जिस दौर में इस्लाम आया उस दौर में बेटियों को ज़िंदा दफ़्न कर दिया जाता था लेकिन इस्लाम ने औरत के मक़ाम को बुलंद किया. औरत को इज़्ज़तो वक़ार बख़्शा, दीने इस्लाम ने औरत को मर्दों के बराबर तो हुक़ूक़ दिए लेकिन फ़र्ज़ और ज़िम्मेदारी मर्दों की ज़्यादा तय की.

हिजाब या किताब? मौलवियों व मर्दों ने अपनी अना ऊंची रखने के लिए इस्लाम को बनाया ढाल

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