Aurangzeb News: माराठा शासक संभाजी पर बनी फिल्म छावा रिलीज होने के बाद से मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को तोड़ने की मांग तेज हो गई है. इस बीच उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शिवसेना के कार्यकर्ताओं विरोध प्रदर्शन किया, और औरंगजेब की कब्र को तोड़ने वालों के लिए 5 बीघा जमीन और 11 लाख रुपै देने का ऐलान कर दिया है. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Uttar Pradesh News: माराठा शासक संभाजी और मुगल बादशाह औरंगजेब पर बनी फिल्म छावा के रिलीज होने के बाद से औरंगजेब की कब्र को तोड़ने की मांग तेज हो गई थी. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन के कई नेताओं ने औरंगजेब की कब्र पर हिंदू महापुरुषों की मूर्ति लगाने की मांग की थी. इस बीच सोमवार 17 मार्च की रात को नागपुर में औरंगजेब पर विवाद को लेकर दो समुदायों में झड़प हो गई. इस विवाद के विरोध में उत्तर प्रेदश में हिंदूवादी संगठन के लोगों ने प्रोटेस्ट किया है. साथ ही औरंगजेब की कब्र को तोड़ने वालों को 5 बीघा जमीन और 11 लाक रुपया देने का ऐलान कर दिया है.
दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 18 मार्च यानी आज हिंदूवादी संगठन शिवसेना से जुड़े लोगों ने नागपुर हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है. ऐहतेजाज करते वक्त शिवसेना से जुड़े लोगों ने मुस्लिम विरोधी नारे भी लगाए है. साथ ही मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को तोड़ने वालों के लिए 5 बीघे जमीन और 11 लाख रुपै देने का ऐलान कर दिया है. हिंदूवादी संगठन शिवसेना के जिला अध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा के साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम डीएम को एक ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में मांग की गई है कि मुगल शासक औरंगजेब समेत सभी विदेशी शासकों की कब्र और उनके नाम से बनाई गई सड़कों, स्मारकों का नाम बदल दिया जाए.
गौरतलब है कि शिवसेना कार्यकर्ताओं ने मुजफ्फरनगर जिला मुख्यालय के नजदिक नागपुर हिंसा के खिलाफ प्रोटेस्ट किया है. इस प्रोटेस्ट के दौरान मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कई आपत्तिजनक नारे भी लगाए गए हैं, जैसे औरंगजेब का समर्थन करने वाले को जूते मारो सालों को. वहीं, एक और नारा लगाया जा रहा था, मुल्लाह का ना काजी का देश है वीर शिवाजी का.
शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि नागपुर कांड के सभी दोषियों को और औरंगजेब का समर्थन करने वाले सभी जिहादियों की भारतीय नागरिकता समाप्त कर उन पर रासुका लगाई जाए और उन्हें पाकिस्तान और बांग्लादेश भेज दिया जाए