Hindu Widow Remarriage and Islam: क्या राजा राम मोहन रॉय को मदरसे में मिला था विधवा पुनर्विवाह का आईडिया ?

Hindu Widow Remarriage Act 1856: भारत में आज ही के दिन 16 जुलाई 1856 को विधवाओं को दुबारा शादी करने के इज़ाज़त और हक़ देने के लिए हिंदू विधवा पुनर्विवाह कानून पास किया गया था. इस कानून को तो तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने पास किया था, लेकिन इस क़ानून को लेकर भारत में जनमत बनाने और आन्दोलन करने का श्रेय ईश्वर चंद्र विद्यासागर और राजा राम मोहन रॉय को जाता है. ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने वेदों का अध्ययन कर दलील दी थी कि विधवा पुनर्विवाह धर्म विरोधी नहीं है, जबकि ऐसा माना जाता है कि राजा राम मोहन रॉय को विधवा पुनर्विवाह का आईडिया मदरसा में अरबी फारसी और इस्लाम का अध्ययन करते वक़्त आया था.

Hindu Widow Remarriage and Islam: क्या राजा राम मोहन रॉय को मदरसे में मिला था विधवा पुनर्विवाह का आईडिया ?
Image Credit: प्रतीकात्मक AI निर्मित तस्वीर Source: ज़ी मीडिया ब्‍यूरो

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Hussain Tabish

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हुसैन ताबिश Zee News  में एसोसिएट न्यूज़ एडिटर हैं.वो Salaam TV और JK & Ladakh TV के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की टीम को लीड करते हैं. उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क पर ख़बरों से खेलने का लगभग 18 सालों का अनुभव है. Zee से पहले वो HT Media, Amar Ujala, Prasar Bharti, Raj Express, Forward Press, Mahanagar Media Network Ltd, BIG Pvt. Ltd. और 'देशबंधु' अखबार जैसे संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क पर संपादन की भूमिका निभा चुके हैं. वह भारत सरकार के ICSSR-फंडेड मीडिया रिसर्च प्रोजेक्ट में रिसर्च एसोसिएट रह चुके हैं. उन्हें हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली विधान सभा चुनावों के पहले ओपिनियन पोल सर्वे का अनुभव है. बिहार में मुस्लिम महिलाओं में शिक्षा का निम्न स्तर, अकुशल मजदूरों के पलायन और इंसेफेलाइटिस पर रिपोर्टिंग के लिए उन्हें फेलोशिप मिल चुका है. जर्नलिज्म में एम.फिल और पी.एचडी की शिक्षा प्राप्त हुसैन ताबिश एक पत्रकार के अलावा मीडिया शोधार्थी, शिक्षक और प्रशिक्षक भी हैं, फिर भी वो खुद को हमेशा जर्नलिज्म का इंटर्न मानते हैं. राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध, मानवाधिकार, जेंडर सेंसिटिविटी, सोशल जस्टिस और माइनॉरिटी इश्यूज उनके प्रिय विषय हैं.(उनतक पहुँचने का पता mohammad.tabish@India.com

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