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नई दिल्ली: कोरोना वायरस की जांच और इलाज में दिन रात लगे मेडिकल मुलाज़िमीन के लिए मरकज़ी वज़ारते दाखिला ने एक अहम फैसाला लिया है. दरअसल कोरोना वारियर्स पर हो रहे हमलों को देखते हुए वज़ारते दाखिला ने रियासती हुकूमतों से उन्हें सिक्योरिटी मुहय्या कराने को कहा है. बता दें मरकज़ी हुकूमत इससे पहले भी मेडिकल स्टाफ की सिक्योरिटी के लिए रियासती हुकूमतों को हुक्म जारी कर चुकी है.
वज़ारते दाखिला की ज्वाइंट सैक्रेटरी पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा है कि वज़ारते दाखिला ने आज एक खत में सभी रियासतों और मरकज़ी हुकूमत के ज़ेरे इंतेज़ाम रियासतों के डॉक्टरों और दीगर मेडिकल मुलाज़िमीन को पुलिस सिक्योरिटी मुहय्या कराने की हिदायत दी है. पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने आगे कहा कि रियासती और मरकज़ी हुकूमत के ज़ेरे इंतेज़ाम इलाकों में बंद के हुक्म पर सख्ती से अमल हो रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि बाताया कि जुमा को छूट से मुतअल्लिक एक ज़मीमा जारी किया गया है जिसके ज़रिए बंद के दौरान मछली और आबी ज़राअती सरगर्मियों को मंज़ूरी दी गई है.
इस मौके पर वज़ारते सेहत के ज्वाइंट सैक्रेटरी लव अग्रवाल ने बताया कि कोरोना की हस्सासियत को देखते हुए मरकज़ी हुकूमत मुसलमुसल रियासती हुकूमतों से बात-चीत कर रही है. तमाम रियासतों से आ रहीं पीपीई किट, एन 95 मास्क समेत दीगर दवाओं की मांग को भी पूरा किया जा रहा है. उन्होंने मज़ीद कहा कि IMCR के ज़रिए अब तक के आंकड़ों को देखते हुए ग्रोथ का तजज़िया किया गया है और लॉकडाउन की वजह से मुल्क में मुतास्सिरीन की तादाद पर लगाम लगा है, तजज़िये के मुताबिक अगर लॉकडाउन ना किया जाता तो अभी के हालात के मुकाबिले 41 फीसद मामले बढ सकते थे.
बता दें कि मुल्क में कोरोना से अब तक 7529 मुतास्सिर हो चुके हैं और 242 लोगों की इससे मौत भी हो चुकी हैं जबकि 653 लोगों को इलाज कामयाब हो चुका है.
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