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नई दिल्ली: हॉट मेल के को-फाउंडर सबीर भाटिया (Sabeer Bhatia) ने बताया कि उन्होंने हॉट मेल शुरू करने के वर्षों बाद अपने नए एप शो-रील क्यों लॉन्च किया. इस बाबत ग्रेटर नोएडा के ISAB के फूड एंड एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट के MBA कोर्स के Alumni Speak Series कार्यक्रम में सबीर भाटिया ने शिरकत की जो IIM अहमदाबाद के पूर्व छात्रों की पहल है। सबीर भाटिया ने इंस्टीट्यूट के पूर्व छात्रों को ये बताया कि उनके नए एप शो-रील का आइडिया कैसे आया.
कैसे मिला शो-रील एप का आइडिया?
सबीर भाटिया ने बताया कि कोरोना महामारी के वक्त उनकी 8 साल की बेटी ने वीडियो बनाने शुरू किए थे. इस बीच उन्होंने महामारी की वजह से लोगों के बेरोजगार हो जाने की तमाम खबरें देखीं, इन दोनों बातों से ही उन्हें शो-रील नाम के एप को बनाने का आइडिया आया. इस अप्लिकेशन में बेरोजगार हो चुके लोगों से उनका नाम, शैक्षणिक योग्यता और काम के तजुर्बे के बारे में पूछा जाता था लेकिन उन्होंने ये बात गौर की कि लोग कैमरे के सामने ये सब बातें बताने में खुद को असहज पाते थे. तब उन्होंने शो-रील में बेरोजगार हो चुके लोगों को वीडियो बना कर अपनी बात रखने का ऑप्शन दिया. बाद में उन्होंने अपने नए ऐप से जुड़े ISAB के पूर्व छात्रों के सवालों का जवाब भी दिया। अपने नए वेन्चर पर बोलते हुए, भाटिया ने कहा कि शो रील का मकसद बातचीत को लाइव बनाना और नौकरी चाहने वालों व कंपनियों के लिए समान रूप से इसकी उपयोगिता को बढ़ाना है.

कैसे करती है यह एप काम?
शो-रील, एक सोशल मैसेजिंग एप है. इस एप को बनाने का मकसद नौजवानों के बीच नौकरियों के मौके पैदा करना है. इस एप के ज़रिए जॉब ढूंढने वाले उम्मीदवार हायरिंग कंपनियों के पूछे गए सवालों पर एक प्रोफेशनल वीडियो बनाएंगे और यह एप सभी जवाबों को एक साथ जोड़कर एक प्रोफेशनल शो-रील बना देगी. इस रील में दिए गए सवालों से उन लोगों को काफ़ी फायदा मिलेगा जिन लोगों को असल में गाइडेंस की ज़रूरत है.
एप के साथ भागीदारी कंपनियों को शामिल करने का प्लान है ताकि वह भर्ती से जुड़ी चुनौतियों से निपट सके. यह एप जॉब ढूंढने वाले उम्मीदवारों को एक मौका देगी कि वह अपने प्रतिभा को मार्किट और एंप्लॉयर के सामने रख सकें ताकि उन्हें मनचाही नौकरी मिल सके. यह एप IOS प्लेस्टोर और गूगल प्ले पर मौजूद है, प्रेस रिलीज़ के मुताबिक शो-रील कई बड़े रिक्यूटरों को ऑनबॉर्ड कर रही है.
सबीर भाटिया ने जब साल 1996 में हॉटमेल की शुरुआत की तो वे आईटी के पोस्टर बॉय थे. माइक्रोसॉफ्ट ने तब हॉटमेल को हासिल करने के लिए लगभग 400 मिलियन डॉलर का भुगतान किया था.
उन्होंने आगे कहा कल्पना कीजिए कि आपके पास सबसे अच्छे संसाधन हैं और अच्छी नौकरी लेने के लिए आपकी बेस्ट कंपनियों तक पहुंच है और दूसरी तरफ वीडियो रिज्यूमे के साथ अपनी भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने का मौका है. भाटिया कहते हैं कि शो-रील इकट्ठा किए गए डेटा को एनालाइज़ करने के लिए AI का इस्तेमाल करेगा. साथ ही वह बोले "जैसे-जैसे हम बढ़ेंगे, लोगों को अवसरों के साथ सशक्त बनाएंगे.
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