Houthi Claims Drone Attack: नवंबर 2023 से जनवरी 2024 तक, हूती विद्रोहियों ने 100 से अधिक व्यापारिक जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिसमें दो जहाज डूब गए और चार नाविकों की मौत हो गई.
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Houthi Claims Drone Attack: यमन के हूती और अमेरिकी विद्रोहियों के बीच जंग छिड़ गई है. दोनों लगातार एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं, जिससे दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. इस बीच हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने एक और अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है. यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका लगातार यमन में हवाई हमले कर रहा है.
हूती विद्रोहियों के मुताबिक, उन्होंने मरिब गवर्नरेट में यह ड्रोन गिराया, जहां अब भी यमन की निर्वासित सरकार के सहयोगियों का नियंत्रण है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें रात के अंधेरे में आग की लपटें दिख रही हैं और एक यमनी नागरिक कह रहा है कि एक ड्रोन गिराया गया है.
हूती सैन्य प्रवक्ता ने क्या कहा?
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सरी ने एक वीडियो जारी कर बताया कि यह ड्रोन एक "स्थानीय रूप से निर्मित मिसाइल" से गिराया गया. हूती विद्रोहियों के पास सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें हैं, जिनमें ईरान निर्मित "358" मिसाइल भी शामिल है. हालांकि, ईरान ने हूती विद्रोहियों को हथियार देने से इनकार किया है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र की जांचों में ईरानी हथियारों की खेप यमन में पकड़ी गई है.
अमेरिका की प्रतिक्रिया और हमले
अमेरिकी सेना ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि वे ड्रोन गिराए जाने की खबरों से अवगत हैं, लेकिन इस पर कोई टिप्पणी नहीं की. एक MQ-9 रीपर ड्रोन की कीमत लगभग 30 मिलियन डॉलर (करीब 250 करोड़ रुपये) होती है और यह 40,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है. हौती विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने अब तक 20 अमेरिकी ड्रोन गिराए हैं.
अमेरिका ने 15 मार्च से हौती ठिकानों पर भारी हवाई हमले शुरू किए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में अब तक 61 हूती विद्रोही मारे जा चुके हैं. अमेरिका का कहना है कि ये हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक हूती विद्रोही अमेरिकी जहाजों पर हमला बंद नहीं करते.
हूती जहाजों पर कर रहे हैं हमले
गौरतलब है कि नवंबर 2023 से जनवरी 2024 तक, हूती विद्रोहियों ने 100 से अधिक व्यापारिक जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिसमें दो जहाज डूब गए और चार नाविकों की मौत हो गई. अमेरिका का दावा है कि इन हमलों का मकसद इजरायल से जुड़ी जहाजों को निशाना बनाना था. यमन में यह संघर्ष सालों से जारी है, जिससे देश की स्थिति और खराब होती जा रही है.