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मोहम्मद रजा उल्लाह/जयपुरः हिंदुस्तान को गंगा जमनी तहजीब वाले मुल्क के साथ ही एक शांतिप्रिय देश माना जाता रहा है, जो पूरी दुनिया में अमन और शांति का पैरोकार रहा है. शायद यही वजह है कि पूरी दुनिया मे किसी भी तरह की हिंसा, जंग या प्राकृतिक आपदा आती है तो हिन्दुस्तान के दरगाहों में उस मुल्क के लिए दुआओं और मंदिरों में प्रार्थनों का दौर शुरू हो जाता है. ऐसे ही यूक्रेन में चल रहे हालात को लेकर ख्वाजा साहब के खलीफा हजरत सुफ हमीदुद्दीन नागौरी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह में खुसूसी दुआ का आयोजन किया गया.
यूक्रेन में फंसे छात्रों के लिए दुआ
इस दुआ में सैकड़ों की तादाद में हाथ खुदा की बारगाह में एक साथ उठे और खास तौर पर जो हिंदुस्तानी छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं उनकी सलामती के लिए दुआ की गई. यहां सूफी के दर से जी सलाम के जरिये यही पैगाम दिया गया कि किसी भी देश के हालात युद्ध से सही नहीं जो सकते. जंग में शामिल दोनों मुल्कों के बीच जो भी विवाद हैं उसे सलाह मशविरा कर खत्म करना होगा. उन दोनों देशों मे ंअमत और शांति बहाली के लिए दुआ मांगी गई.
किसी भी जंग में बेगुनाह मारे जाते हैं
सूफी हमीदुद्दीन नागौरी रहमतुल्लाह अलैह दरगाह कमिटि के अध्यक्ष आबिद हुसैन ने जी सलाम से खास बातचीत में कहा कि जो यूक्रेन और रूस के बीच हालात चल रहे है वो काफी चिंताजनक है. इन हालात को सही करते हुए यूक्रेन और रूस को एक साथ बैठकर बात करनी चाहिए. उन्होंने बताया कि किसी भी देश में शांति और समृद्धि युद्ध के जरिए नहीं आ सकती. जंग में हजारों लोग बिना वजह ही मारे जाते है, इसलिए दोनों देशों को आगे आकर बातचीत की पहल करनी चाहिए.
भारत के हजारों छात्र फंसे यूक्रेन में
भारत के तकरीबन 20 हजार छात्र यूक्रेन के कई शहरों में फंसे हुए है, वहाँ से वो अपने परिजनों के साथ लगातार सोशल मीडीया पर लगातार वहां का अपडेट दे रहें हैं. नागौर जिले के रहने वाले अजयपाल ने बताया कि वो यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गया था, दो दिन पहले जहां वो रुके हुए थे वहां धमाके हुए थे, उसके बाद कल सुबह से ही बर्फबारी जारी है. देर रात को एक बार फिर धमाके शुरू हो गए हैं. नेटवर्किंग समस्या आने की वजह से अब परिजनों की भी उनसे बात नहीं हो पा रही है.
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