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भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बोन कैंसर से मुतास्सिर शौहर ने बीवी को जायदाद दिलाने के लिए अदालत से तलाक की अर्जी कुबूल करने की गुहार लगाई है. शौहर का कहना है कि वह अब बस चंद महीनों का मेहमान है. अगर वह बीवी से तलाक के बिना मर गया तो उसकी बीवी को जायदाद नहीं मिल पाएगी. साथ ही वह चैन से मर भी नहीं पाएगा.
दरअसल यह दुखभरी गुजारिश है बोन कैंसर की आखिरी स्टेज से गुज़र रहे 37 साल के राकेश (बदला हुआ नाम) की. इस मामले को लेकर फैमिली कोर्ट में पहुंचे राकेश की फिलहाल एडवोकेट सरिता राजानी काउंसलिंग कर रही हैं. काउंसलिंग के दौरान राकेश ने 10 साल से साथ निभा रही बीवी से तलाक लेने की अपनी मजबूरी और परिवार के हालात को बयां किया.
राकेश की यह दास्तां जब कुटुंब अदालत की काउंसलर और एडवोकेट सरिता राजानी ने सुनी तो वह भी जज्बाती हो गई. एडवोकेट सरिता राजानी ने बताया कि उनकी बीवी को परिवार वाले पंसद नहीं करते हैं. ऐसे में उन्हें डर है कि उनकी मौत के बाद परिवार वाले उसकी बीवी को जायदाद से बेदखल कर देंगे. इसलिए वे चाहते हैं कि वह उसकी वीबी से तलाक ले लें, ताकि बीवी को उनके मरने के बाद जायदाद मिल सके.
एडवोकेट सरिता राजानी के मुताबिक राकेश चाहता है कि उसके मरने के बाद बीवी दूसरी शादी कर ले और सुखी जिंदगी जिए. वहीं, राकेश ने बताया कि शादी के कुछ वक्त बाद ही उसकी तबीयत खराब रहने लगी थी. परिवार वालों ने भी उसका साथ छोड़ दिया लेकिन बीवी ने उसका साथ नहीं छोड़ा. फिलहाल मामला फैमिली कोर्ट में ज़ेरे गौर है.
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