)
MP News: अयोध्या में 22 जनवरी को 'प्राण-प्रतिष्ठा' समारोह हुआ था. इस प्रोग्राम में बड़ी तादाद में कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की थी. इसके अगले दिन मंदिर को आम जनता के लिए खोल दिया गया. देश भर से बड़ी तादाद में श्रद्धालु राम मंदिर के दर्शन कर रहे हैं. इसी बीच मध्य प्रदेश में एक महिला ने अपने पति से नाराजगी जताई है. दरअसल, महिला को उसका पति अयोध्या ले गया था, उसने भोपाल में घर लौटने पर सिर्फ इस बुनियाद पर पर तलाक का मामला दायर किया कि वह उसे हनीमून के लिए गोवा का वादा करने के बाद अयोध्या ले गया था. इस जोड़े ने पिछले साल अगस्त में शादी की थी.
भोपाल की एक फैमली कोर्ट के वकील शैल अवस्थी ने कहा कि, यह जोड़ा 22 जनवरी के समारोह से कुछ दिन पहले अयोध्या के लिए रवाना हुआ था, लेकिन महिला को इसकी जानकारी नहीं दी गई. उन्होंने कहा, "यह उनकी अर्जी का अहम मुद्दा था. दरअसल, महिला अपने पति से इस बात पर नाराज है कि वो उसे गोवा ले जाने के बजाय अयोध्या ले जाने पर नाराज है. मैं फिलहाल कपल की काउंसलिंग कर रहा हूं".महिला ने अपनी तलाक की अर्जी में कहा कि उसका पति आईटी सेक्टर में काम करता है और उसे अच्छी सैलरी मिलती है. अर्जी में कहा गया है कि वह नौकरीपेशा भी है और अच्छा कमाता है, इसलिए हनीमून के लिए विदेश जाना उनके लिए मुश्किल नहीं है.
माली हालात बेहतर होने के बावजूद भी महिला के पति ने उसे विदेश ले जाने से मना कर दिया और भारत में ही किसी जगह घूमने की जिद पर अड़ा रहा. बाद में महिला के पति ने कथित तौर पर पत्नी को बगैर बताए अयोध्या और वाराणसी के लिए फ्लाइट बुक कर दी. यात्रा से सिर्फ एक दिन पहले उसने गोवा की जगह अयोध्या जाने की जानकारी पत्नी को दी और कहा कि वे अयोध्या जा रहे हैं. क्योंकि उसकी मां राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह से पहले शहर का दौरा करना चाहती हैं
वकील ने कहा कि महिला का इल्जाम है कि उसका पति उससे ज्यादा अपने घरवालों का ख्याल रखता है. जब वे यात्रा से लौटे, तो पत्नी ने तलाक के लिए अर्जी दायर कर दी.