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Iran News: ईरान ने इजरायल के साथ 12 दिनों तक हुई जंग के बाद एक बड़ा फैसला लेते हुए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सदस्यों को ईरान से बाहर कर दिया था. ईरान ने (IAEA) के चीफ पर इल्जाम लगाया था कि उन्होंने ईरान के खिलाफ साजिश की और ईरानी परमाणु कार्यक्रमों को लेकर शत्रुपूर्ण रिपोर्ट जारी किया. अब खबर है कि ईरान के इस फैसले के बाद पहली बार IAEA के निरीक्षक ईरान पहुंचे हैं. साथ ही एक प्रमाणु केंद्र का दौरा भी किया है.
इस बात की पुष्टि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और IAEA के चीफ राफाएल मारियानो ग्रोसी ने की है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने IAEA के निरीक्षकों को ईरान में प्रवेश करने की इजाजत दी है. साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान में IAEA के निरीक्षकों के आगमन के बावजूद दोनों पक्षों के बीच पूरी तरह सहयोग करने की स्थिति नहीं बनी है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीते बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि IAEA के निरीक्षकों ने ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा केंद्र का दौरा किया है.
गौरतलब है कि ईरान की संसद ने एक बिल पास कर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ अपने सभी रिश्तों को खत्म कर दिया था. साथ ही इस अंतरराष्ट्रीय संगठन पर ईरान ने कई गंभीर इल्जाम भी लगाए थे. इस फैसले के मुताबिक ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रमों की जानकारी और निरीक्षण करने पर रोक लगा दी थी. इस फैसले के साथ ही दुनिया में यह बहस छिड़ गया कि क्या ईरान अब तेजी के साथ परमाणु बम बनाने की ओर बढ़ रहा है.
हालांकि ईरान के नेता और वरिष्ठ अधिकारी हमेशा से यह कहते आए हैं कि ईरान का मकसद परमाणु हथियार बनाना नहीं है. ईरान का कहना है कि वह अपने नागरिकों के लिए परमाणु तकनीक की मदद से बिजली उत्पन्न करना चाहता है, ताकि ईरान का विकास तेजी से हो सके. वहीं, इजरायल और अमेरिका की तरफ से ईरान पर परमाणु हथियार बनाने का इल्जाम लगाया जाता है.