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नई दिल्ली: इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने Covid-19 टेस्ट को लेकर पॉलिसी में तब्दीली की है. ICMR की नई गाइडलाइंस के मुताबिक, कंटेनमेंट ज़ोन/हॉटस्पॉट के इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस वाले मरीज (ILI) का कोविड टेस्ट कराया जाएगा. इसके अलावा, सभी अस्पतालों में दाखिल मरीज जिनमें ILI की अलामात हैं, उनका भी कोविड टेस्ट होगा.
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के ज़रिए जारी की गईं गाइडलाइन
- जिनमें कोरोना की अलामात हो और जो पिछले 14 दिनों बैरूने मुल्क से आए हों.
- जो कन्फर्म्ड कोरोना के मरीज के राब्ते में आए हों.
- सभी सेहती मुलाज़िम जिनमें अलामत दिखे/अलामत वाले फ्रंटलाइन वर्कर्स जो कोरोना कंटेनमेंट ज़ोन में जुड़े हों.
- सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी बीमारी के मरीज़.
- कोरोना के कनफर्म्ड केस के राब्ते में सीधे राब्ते में आए बगैर अलामत वाले कॉन्टेक्ट जो हाई रिस्क पर हों. इनका 5 और 10 दिन के दरमियान टेस्ट. पहले ये 5 और 14 दिन के बीच में करना था जिसे अब 10 दिन किया गया है.
- कंटेनमेंट जोन/हॉटस्पॉट के इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस वाले मरीज़ (ILI)
- सभी अस्पतालों में दाखिल मरीज़ जिनमें ILI की अलामत हैं. (यह नई गाइडलाइन जोड़ी गई है)
- ILI की अलामत वाले सभी मुहाजिर या जो दूसरे सूबों से घर लौटे हों, उनका 7 दिन के अंदर टेस्ट हो.
- अस्पताल पहुंचे मरीज़ जिनकी इमरजेंसी हो (डिलीवरी भी अगर है तो) तो टेस्ट की वजह से उनको इलाज का इंतज़ार नहीं करवाया जाए, लेकिन हमें SARI और ILI का मतलब भी समझना होगा
SARI: बुखार (100.4 F or 38 C), खांसी और जिन्हें अस्पताल में दाखइल किए जाने की ज़रूरत हो.
ILI: बुखार (100.4 F or 38 C) व खांसी.
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गाइडलाइन के मुताबिक ऐसे लक्षण वाले लोगों का RTPCR टेस्ट ही होगा.