)
नई दिल्ली: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (Allahabad University) की कुलपति डॉ. संगीता श्रीवास्तव ने सुबह की अजान को लेकर ऐतराज जाहिर किया है. उन्होंने कहा है कि सुबह-सुबह अजान से अचानक नींद खुल जाती है और फिर नहीं आती. जिससे उनके सिर में दर्द रहता है और सिर दर्द से दिनभर के काम प्रभावित रहते हैं. उन्होंने यह खत डीएम भानु चंद्र गोस्वामी, कमिश्नर प्रयागराज, आईजी रेंज प्रयागराज केपी सिंह और एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी को भी भेजा है. जिस पर पर आईजी रेंज प्रयागराज ने मुनासिब कार्रवाई करने की यकीन दिहानी कराई है.
कुलपति पत्र पर क्या बोले आईजी केपी सिंह?
कुलपति संगीता श्रीवास्तव के पत्र पर आईजी रेंज प्रयागराज केपी सिंह ने कहा मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. आईजी ने कहा कि निर्धारित मानक के विपरीत लाउडस्पीकर के साउंड की जांच कराएंगे. उन्होंने कहा है कि रात 10.00 बजे से सुबह 6.00 बजे के बीच हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक ध्वनि प्रदूषण नहीं होना चाहिए. ऐसे में निर्धारित डेसीबल से अधिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम से आवाज नहीं आनी चाहिए. किसी को ऐसा करने की अनुमति नहीं है और अगर कही बगैर अनुमति के ऐसा हो रहा है तो जांच कराई जाएगी.
क्या कहा कुलपति संगीता श्रीवास्तव ने?
कुलपति डॉ. संगीता श्रीवास्तव ने खत में कहा है कि उनके घर के पास मस्जिद है. जहां रोज सुबह 5.30 बजे लाउडस्पीकर पर अजान होती है. इस वजह से उनकी नींद अचानक खुल जाती है और फिर नींद नहीं आती. जिस वजह से पूरे दिन उनके सिर में दर्द रहता है. जिसके चलते दिनभर कामकाज पर भी इसका असर पड़ता है. डॉ. संगीता ने आगे लिखा कि वे किसी जाति, संप्रदाय या किसी वर्ग के खिलाफ नहीं हैं लेकिन जिस चीज से लोगों को परेशानी होती है उसे नहीं करना चाहिए.
अजान पर एतराज का ये पहला मामला नहीं है
इससे पहले अप्रैल 2018 में बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम (Sonu Nigam) भी लाउडस्पीकर पर होने वाली अजान के मुद्दे को उठाने के बाद विवादों में घिर गए थे. सोनू निगम ने लाउड स्पीकर पर होने वाली अजान को जबरदस्ती करने वाली धार्मिकता (Forced Religiousness) बताया था. इस पर सोनू निगम को भी अवामी नाराजगी का सामना करना पड़ा था. हालांकि, जावेद अख्तर समेत बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों ने सोनू निगम की हिमायत की थी. जावेद अख्तर ने ट्वीट कर कहा था, 'मैं सोनू निगम सहित उन सभी से पूरी तरह सहमत हूं, जो चाहते हैं कि लाउड स्पीकरों का इस्तेमाल मस्जिदों द्वारा नहीं किया जाना चाहिए.'
Zee Salam lLive