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नई दिल्ली: यूपी ATS की गिरफ्त में बैठे इनामुक हक से हो रही पूछताछ में सूबे में जेहाद का ज़हर फैलाने वालों की हकीकत सामने आ रही है. UP ATS ने बरेली के रहने वाले मोहम्मद इनामुक को कुछ दिनों पहले लखनऊ पुलिस की इत्तेला पर गिरफ्तार किया था. अब पता चला है कि इनामुल सोशल मीडिया अकाउंट से न सिर्फ जेहादी नज़रिये फैला रहा था बल्कि जाकिर मूसा के मिशन ‘शरीयत या शहादत’ को भी आगे बढ़ा रहा था.
ज़राए के हवाले से ख़बर है कि पुलिस ने पूछताछ में इनामुल के नए फेसबुक अकाउंट का भी पता लगा लिया है, जिससे वो 2 महीने पहले तक जेहाद का ज़हर बो रहा था. अब ATS उसके इसी अकाउंट के ज़रिये और भी मुश्तबा तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
जेहादी इनामुल ATS की पकड़ में आने से पहले अपने कई फेसबुक अकाउंट डिलीट कर चुका था लेकिन अब ATS ने उसका एक ऐसा फेसबुक एकाउंट ढूंढ निकाला है, जिस पर वो 2 महीने पहले तक एक्टिव था. इसी अकाउंट से पता लगा है कि इनामुल कश्मीर के नौजवानों के साथ मूसा के मिशन ‘शरीयत या शहादत’ को आगे बढ़ा रहा था. इस अकाउंट में उसके साथ बरेली और आसपास के जिलों के अलावा कई सूबों के लोग जुड़े हुए थे.
इनामुल ने अपने इस अकाउंट पर ‘शरीयत या शहादत’ नारे का वॉलपेपर भी लगा रखा है. दरअसल ये नारा अंसार गजवतुल हिंद के मारे गए चीफ जाकिर मूसा का था. मूसा पहले कश्मीर के अलैहदगी लीडरों से जुड़ा था, जिनसे मनमुटाव के बाद उसने अलकायदा का दामन थामा. मारे जाने से पहले तक वो गजवतुल हिंद का चीफ था. इनामुल के अकाउंट से लगता है कि वो जाकिर मूसा से काफी मुतास्सिर था और कश्मीरी नौजवानों को उसके जेहादी मिशन से जोड़ने का काम कर रहा था. अब ATS इनामुल के इस फेसबुक एकाउंट से जुड़े मुश्तबा लोगों को ट्रेस करने में जुटी है.
यूपी ATS ने जेहाद के लिए भड़का रहे एक शख्स की लीड मिलने के बाद बरेली से मोहम्मद इनामुक हक को पकड़ा था. यूपी एटीएस को पूछताछ और उसके सोशल मीडिया अकाउंट की तमाम सरगरमियों से पता चला कि इनामुल हक जेहादी नज़रिए से मुतास्सिर है और दूसरे लोगों को भी जेहाद के लिए मुतास्सिर कर रहा है.
इतना ही नहीं इनामुल लोगों को दहशतगर्दाना सरगरमियों के लिए भी ट्रेंड करने जैसी बात कर रहा था. उसके पास अल कायदा का पाबंदीशुदा लिट्रेचर भी मिला है. कटघर की डॉक्टर रियाज़ कॉलोनी में रहने वाले इनामुल ने पूछताछ में जेहाद के तईं अपने लगाव को भी कुबूल किया है.
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