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नई दिल्लीः अतिथि के रूप में व्याख्यान (guest lectures) से हुई कमाई पर 18 प्रतिशत का माल एवं सेवा कर (GST) लगेगा. एडवांस रूलिंग ऑथोरिटी (AAR) की कर्नाटक पीठ ने यह व्यवस्था दी है. आवेदक साईराम गोपालकृष्ण ने एएआर से संपर्क कर पूछा था कि क्या अतिथि व्याख्यान से हुई आमदनी करयोग्य सेवाओं में आती है. एएआर ने यह आदेश पारित करते हुए कहा कि इस तरह की सेवाएं अन्य पेशेवर, तकनीकी और कारोबारी सेवाओं के तहत आती हैं और ये सेवाओं की छूट वाली श्रेणी के तहत नहीं हैं. ऐसे में इस प्रकार की सेवाओं पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी देना होगा.
परेशानियां का ‘बक्सा’ खुल जाएगा
एएआर के इस आदेश का मतलब है कि सेवा पेशेवर जिनकी आमदनी 20 लाख रुपये से अधिक होगी उन्हें अतिथि के रूप में व्याख्यान से हुई कमाई पर 18 प्रतिशत जीएसटी देना होगा. एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि इस व्यवस्था से लाखों फ्रीलांसर, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, प्रोफेसर और अन्य के लिए परेशानियां का ‘बक्सा’ खुल जाएगा. ये लोग एक निश्चित राशि के भुगतान पर अपने ज्ञान को साझा करते हैं.
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