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I.N.D.I.A Alliance Meeting: आगामी लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर अपोजिशन पार्टियों के गठबंधन 'इंडिया' ने आज बड़ी बैठक की. वर्चुअल मोड में हुए इस बैठक में गठबंधन पार्टियों के कई सीनियर लीडर मौजूद रहे. बिहार के सीएम और जेडीयू के नेशनल प्रसिडेंट भी इस मीटिंग में मौजूद थे.इस मीटिंग में नीतीश कुमार को संयोजक बनाने का प्रस्ताव आया लेकिन नीतीश ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया. जिसके बाद बिहार समेत पूरे देश में राजनीति सरगर्मी तेज गई. नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.
हालांकि, नीतीश कुमार ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार करने के बाद कहा कि कांग्रेस से ही किसी को 'इंडिया' गठबंधन का संयोजक बनाया जाए. नीतीश कुमार को संयोजक बनाने का प्रस्ताव तमिलनाडु के सीएम ने एमके स्टालिन ने लाया थे.लेकिन नीतीश ने इस प्रस्ताव से इंकार कर दिया.
मंत्री संजय झा ने बैठक के बाद कहा
वहीं, बैठक में नीतीश के साथ शामिल हुए मंत्री संजय झा ने मीटिंग के बाद कहा कि नीतीश कुमार को संयोजक बनाने पर बातचीत हुई. लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया. हमारा मानना है कि कांग्रेस पार्टी से ही किसी को संयोजक बनाया जाना चाहिए.
खड़गे को कन्वेनर बनाने को लेकर चर्चा जारी
नीतीश ने 'इंडिया' गठबंधन के लीडरों के साथ मीटिंग में कहा "उनका किसी पद में दिलचस्पी नहीं है. जमीन पर गठबंधन का काम बढ़ता रहे यही उनकी चाहत है". संयोजक बनाने को लेकर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और सपा नेता अखिलेश से भी सलाह ली जाएगी. वहीं, बैठक में कांग्रेस प्रसिडेंट को मलिकार्जुन खड़गे को कन्वेनर बनाने पर बातचीत चल रही है.
बैठक में इन नेताओं ने लिया हिस्सा
बैठक में कांग्रेस प्रसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद सुप्रीमो लालू यादव, बिहार के डिप्टी सीएम मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, एनसीपी नेता शरद पवार समेत गठबंधन के घटक दलों के कई नेता इस बैठक में शामिल हुए. पहली बार ऑनलाइन मोड में हो रहे मीटिंग में गठबंधन के तमाम नेताओं में सीट बंटवारे, संयोजक जैसे मुद्दों पर मुख्य रूप से बातचीत हुई.लेकिन बैठक में तृणमूल कांग्रेस शामिल नहीं हैं.
क्या नीतश कुमार छोड़ेंगे गठबंधन ?
बिहार राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखने वालों जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार अगर किसी अलायंस को छोड़ते हैं तो वो पहले ठोस बहाने तलाशते हैं उसके बाद अलायंस से बाहर निकल जाते हैं. इसी तरह से उन्होंने साल 2017 में लालू यादव के पार्टी राजद से अलायंस तोड़ा था.उन्होंने इस दौरान तेजस्वी के खिलाफ सीबीआई मामले को बेस बनाया था.