India-Pakistan War: भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिसके बाद से पाकिस्तान भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने में लगा हुआ है, और भारत पर युद्ध के लिए उकसाने का आरोप लगा रहा है. इसी कड़ी में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के पाकिस्तान के तमाम झूठ का पर्दाफाश कर दिया है. पूरी जानकारी के लिए नीचे स्क्रॉल करें
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India-Pakistan War: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट जग जाहिर है, वह यह बताने की कोशिश कर रहा है कि भारत कथित तौर पर आम नागरिकों को निशाना बना रहा है, और जंग के लिए उकसावे वाली कार्रवाई कर रहा है. इसी कड़ी में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के पाकिस्तान की तमाम झूठ का पर्दाफास कर दिया है. साथ ही पाकिस्तान को आतंकवादियों का पनाहगार बताया है.
दरअसल, पाकिस्तान यह झूठ फैला रहा है कि भारत ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के अंदर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया है, जिसके बाद भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार 8 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. उन्होंने दुनिया के सामने पाकिस्तान की झूठ उजागर किया और कहा कि भारत की यह कार्रवाई कही से भी उकसावे वाली नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है.
आतंकवादियों का गढ़ है, पाकिस्तान
साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को आतंकियों का पनहगार बताया है, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री ने खुले तौर पर यह स्वीकार किया है कि उनके आतंकवादी समूहों से संबंध रहे हैं. पाकिस्तान आतंकवाद के गढ़ के रूप में पहचाना जाता है और यह साबित हो चुका है कि पाकिस्तान आतंकी समूहों का समर्थन करता है और उनके खिलाफ कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता.
पहलगाम हमले पर पाकिस्तान ने की थी, ये मांग
बता दें कि पाकिस्तान ने पहगाम आतंकी हमले की जांच अंतरराष्ट्रीय समीति से कराने की मांग की थी. इस मांग के जवाब में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने काह कि भारत ने पहले भी कई आतंकी हमलों के सबूत पाकिस्तान को दिए हैं, लेकिन उसने किसी भी हमले की जांच करने में कोई सहयोग नहीं किया. उन्होंने उदाहरण के तौर पर पठानकोट हमले का जिक्र किया, जहां भारत ने पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में ठोस सबूत सौंपे थे, लेकिन पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवादियों का बचाव किया.