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इंदौर: मध्य प्रदेश का इंदौर शहर वैसे तो सफाई के लिए जाना जाता है. यहां मेडिकल शोबे (क्षेत्र) के मामले में शहर कई बार ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पार्ट्स ट्रांसप्लांट किया जा चुका है लेकिन इस बार इंदौर के अस्पतालों से एक के बाद एक तीन लापरवाही के मामले सामने आ चुके है. इंदौर के यूनिक अस्पताल में एक 87 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई थी. जिसके बाद परिवार जब लाश लेने आया तो उन्होंने देखा कि लाश को जगह-जगह से चूहों ने कुतर रखा है.
बुज़ुर्ग शख्स का नाम नवीन जैन (87) बताया गया है, जो विनय नगर जैन कॉलोनी के निवासी है. परिवार वालों ने बताया सांस की तकलीफ की वजह से उन्हें 17 सितम्बर को अस्पताल में दाखिल कराया गया था. इतवार देर रात करीब 3 बजे उनकी मौत की सूचना दी. साथ ही ये भी कहा कि निगम की गाड़ी उन्हें आखिरी रसूमात के लिए लेकर जाएगी. इसके बाद परिवार वाले दोपहर 12 बजे अस्पताल पहुंचे तो देखा कि लाश को जगह-जगह चूहों ने कुतर रखा है. गुस्साए परिवार वालों ने इस बारे में मैनेजमेंट से बात की तो उनका कहना था कि हमसे गलती हो गई.
परिवार वाले शव को लेने अस्पताल पहुंचे थे. जहां उन्हें लाश की यह हालत देखी तो हैरान रह गए. उन्होंने इल्ज़ाम लगाया कि लाश को सही तरीके से नहीं रखा गया था. इंदौर इंतेज़ामिया को खबर मिलते ही वे मामले की जांच में जुट गए हैं. इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच की हिदायात दी हैं.
इससे पहले भी हो चुकी इंदौर में इस तरह की गलती
इंदौर के MY अस्पताल में इस महीने दो बार लापरावाही का मामला सामने आ चुके हैं. दरअसल, अस्पताल इंतेज़ामिया की भूल से मॉर्चुरी में रखी लाश, पड़े-पड़े कंकाल बन गई थी. इस मामले के कुछ दिनों बाद ही कारकुन एक बच्चे की लाश को फ्रीजर में रख के भूल गए थे. इन मामलों पर इंसानी हुकूक कमीशन ने भी इंतेज़ामिया से जवाब मांगा था. इंतेज़ामिया का कहना है कि इन मामलों की जांच जारी है.
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