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नई दिल्ली: अयोध्या के धन्नीपुर में बनने वाली मस्जिद का 26 जनवरी के संगे बुनियाद रखा गया है और जल्द ही इसकी तामीर का काम भी शुरू होगा लेकिन इस मस्जिद को लेकर सियासी बयानबाज़ियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं. ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर अब इकबाल अंसारी और तपस्वी छावनी के महंत जगतगुरु परमहंस आचार्य का बड़ा बयान सामने आया है.
क्या कहा था असदुद्दीन ओवैसी ने
दरअसल अयोध्या में बन रही मस्जिद को लेकर ओवैसी ने कहा था कि मुनाफिकों की जमात जो बाबरी मस्जिद के बदले 5 एकड़ जमीन पर मस्जिद बनवा रहे हैं, हकीकत में वो मस्जिद नहीं बल्कि 'मस्जिद-ए-ज़ीरार' है. पैगम्बर मोहम्मद साहब के जमाने में मुनाफिकों ने मुसलमानों की मदद करने के नाम पर एक मस्जिद बनवाई थी. हकीकत में उसका मकसद मस्जिदे नबवी का खात्मा और इस्लाम को नुकसान पहुंचाना था. ऐसी मस्जिद में नमाज पढ़ना और चंदा देना हराम है.
इकबाल अंसारी ने दिया यह जवाब
बाबरी मस्जिद के फरीक रहे इकबाल अंसारी ने ओवैसी के इस बयान पर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की जानिब से मिली 5 एकड़ जमीन में स्कून बन रहा है, मस्जिद बन रही है, अस्पताल बन रहा है और उन्होंने फतवा जारी किया है कि कोई उसमें नमाज ना पढ़े, चंदा ना दे. कौम को चाहिए कि उनकी बात पर बिल्कुल भी ध्यान ना दें. इकबाल अंसारी ने आगे कहा कि हिंदू मुसलमानों में एकता है. अमन चैन और तरक्की की बात हो रही है. मस्जिद और मंदर की सियासत बिल्कुल नहीं होनी चाहिए. अंसारी ने ओवैसी को सलाह देते हुए कहा कि वो ऐसा फतवा ना दें और मुसलमानों को चाहिए कि उनकी बात पर ध्यान न दें.
गद्दार है ओवैसी: महंत जगतगुरु परमहंस आचार्य
वहीं महंत जगतगुरु परमहंस आचार्य ने ओवैसी पर सख्त हमला करते हुए कहा,"एक एमपी होकर इस तरह के गौर जिम्मेदाराना और गैर आइनी बयान बयान देना यकीनी तौर पर देशद्रोह की जिमरे में आता है." उन्होंने ओवैसी को गद्दार बताते हुए कहा कि वो हमेशा इस तरह के बयान देकर लड़ाने की बात करते रहते हैं. जब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मस्जिद की तामीर हो रही है तो उसको लेकर अगर यह सवाल खड़ा किया जा रहा है तो यह अदालत पर सवालिया निशान है और अदालत पर सवाल खड़ा करने का किसी को हक नहीं है.
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