Iran America Nuclear Deal: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और नाजूक स्थिति के बावजूद ईरानी प्रमाणु कार्यक्रम और उसके जवाब में लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों पर बातचीत हो रही है. मस्कट में पहले दौर की वार्ता के बाद अब इटली में अगले दौर की वार्ता होगी. इस बात की जानकारी ईरानी मीडिया ने दी है. पूरी जानकारी के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Iran America Nuclear Deal: ईरान और अमेरिका के बीच प्रमाणु से जुड़ी दूसरा वर्ता 16 अप्रैल को ओमान में होगी. इस वर्ता इटली की राजधानी रोम में हीगी, जिसकी मध्यस्थता ओमान करेगा. इस वार्ता दोनों मुल्कों के लिए बहुत ही अहम माना जा रहा है. क्योंकि तमाम तनाव और तीखे बयानबाजी के बाद दोनों मुल्क बातचीत करने के लिए तैयार हुए है.
ईरान की सरकरा मीडिया ने बुधवार 16 अप्रैल को यह जानकारी दी है, कि दोनों मुल्कों के बीच दूसरा वर्ता इटली में होगी. हालांकि मंगलवार को ईरान के विदेश मत्रालय के प्रवक्ता ने बयान दिया था कि दूसरी वार्ता भी ओमान में होगी. लेकिन अब ईरानी मीडिया ने वार्ता को लेकर कई नई जानकारी दी है.
इससे पहले गुजिश्ता 12 अप्रैल को लमंबे अरसे के बाद दोनों मुल्कों के बीच अधिकारक बैठक हुई, जिसमें प्रमाणु उर्जा उत्पादन को कम करने पर बात हुई. दोनों मुल्कों ने इस वार्ता को सार्थक बताया था. हालांकि इस बैठक में एक ध्यान देने वाली बात यह थी कि यह बैठक इंडायरेक्ट हो रही थी, यानी दोनों मुल्कों के प्रतिनिधि अलग-अलग रूम में बैठे थे, और ओमान के प्रतिनिधि को अपना पक्ष बता रहे थे, फिर वह एक दूसरे तक संदेश पहुंचा रहा था.
बता दें कि पहले दौर की वार्ता लगभग ढ़ाई घंटे की तक ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची और अमेरिका के मिडिल ईस्ट मामलों के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच ओमान की राजधानी मस्कट में हुई थी. करीब ढाई घंटे की बातचीत हुई. विदेश मंत्री अराघची ने वार्ता के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वार्ता बहुत ही शांत और संमानजनक माहौल में हुआ है. साथ ही उन्होंने आगले दौर की बातचीत के लिए भी कई जानकारियां दी थी.
अमेरिका, यूरोपिय मुल्क यह समझते हैं कि ईरान प्रमाणु हथियार बना रहा है, वहीं, ईरान इस दावा को गलत बताता है, और ईरान का कहना है कि वह प्रमाणु तकनीकों का इस्तेमाल नागरिक कामों के लिए कर रहा है. इनहीं वजहों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच की तकरार, और तनाव जगजाहिर है. अमेरिका ने ईरान पर कई तरह की पाबंदियां लगा रखा है. फिर भी ईरान अमेरिका को आंख दिखाता है, और उसके आगे झुकने को तैयार नहीं है.
गौरतलब है कि अमेरिका में दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने ईरान के साथ प्रमाणु समझोते पर वार्ता करने के लिए लगातार प्रेसर बना रहा था, इस बीच ट्रंप ने कई बार धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल भी किया. ट्र्ंप के लिखित पत्र भेजने के बाद ईरान ने भी वार्ता करने को राजी हो गया है.