Iran Condemns US Strike: यमन में अमेरिकी हवाई हमले में हिरासत केंद्र पर बमबारी से 68 अफ्रीकी प्रवासियों समेत 78 लोगों की मौत हो गई. ईरान ने इस हमले को युद्ध अपराध बताया और अमेरिका की कड़ी निंदा की.
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Yemen Airstrikes: अमेरिका यमन की राजधानी सना और सादा प्रांत पर हवाई हमले कर रहा है. इस हमले की वजह से सादा में एक हिरासत केंद्र में रखे गए 68 अफ्रीकी प्रवासियों सहित कम से कम 78 लोग मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हो गए. इस हमले की वजह से यमन में भारी तबाही भी हुआ है. इस बीच, ईरान ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाघई ने यमन में हुए बम धमाकों की कड़ी निंदा की है और कहा कि सादा इलाके के हिरासत केंद्र में रखे गए 68 अफ्रीकी प्रवासियों समेत कम से कम 78 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. बाघई ने कहा कि अमेरिकी सेना के हमले यमन के अलग-अलग हिस्सों में नागरिक इलाकों, घरों और ज़रूरी इमारतों को निशाना बना रहे हैं. यह युद्ध अपराध है.
UN पर लगाया संगीन इल्जाम
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की "इस खुलेआम कानून तोड़ने और यमन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लगातार उल्लंघन के प्रति उनकी चुप्पी और उदासीनता" के लिए आलोचना की. शिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बाघई ने इस्लामिक राज्यों से यमन के मुस्लिम लोगों की हत्या को रोकने और गाजा और वेस्ट बैंक में इजरायल के "नरसंहार" को जारी रखने से रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने का आह्वान किया.
हूती विद्रोहियों ने क्या कहा?
इससे पहले 28 अप्रैल को यमन के उत्तरी हिस्से पर कब्जा रखने वाले हूती विद्रोहियों ने बताया कि धमाकों में मारे गए सभी लोग अवैध तरीके से आए अफ्रीकी प्रवासी थे. इन्हें सादा प्रांत की राजधानी के एक हिरासत केंद्र में रखा गया था. अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने कहा है कि सालों से चल रहे युद्ध के बावजूद यमन, अफ्रीका के हॉर्न और सऊदी अरब के बीच आने-जाने वाले हजारों प्रवासियों का रास्ता बना हुआ है. ये लोग बेहतर जिंदगी की तलाश में खतरनाक रास्तों से यमन होते हुए सऊदी अरब जाने की कोशिश करते हैं.
यमन पर अमेरिका का हमला तेज
15 मार्च को वाशिंगटन द्वारा यमन में हौथी ठिकानों पर हवाई हमले फिर से शुरू करने के बाद से हौथी समूह और अमेरिकी सेना के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया है. इन हमलों का उद्देश्य हूतियों को लाल और अरब सागर में इजरायल और अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने से रोकना था. हालांकि, हवाई हमलों की रिपोर्ट यूएस सेंट्रल कमांड द्वारा यह घोषणा किए जाने के कुछ घंटों बाद आई कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 15 मार्च को हौथियों के खिलाफ हवाई अभियान को तेज करने के आदेश के बाद से उसके बलों ने 800 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया है.