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Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंTrump Personality: दिमाग से पैदल हैं ट्रम्प; खुद की मनोचिकित्सक भतीजी ने ही खोल दिया राज!

Trump Personality: दिमाग से पैदल हैं ट्रम्प; खुद की मनोचिकित्सक भतीजी ने ही खोल दिया राज!

Donald Trump mental status: अमेरिका- ईरान जंग का मरकज़ सिर्फ़ एक शख़्स है, जो बेहद unpredictable है और अब तो गालिबाज़ भी है. आख़िर ट्रम्प गालिबाज़ कैसे हो गए? आख़िर ट्रम्प इतने unpredictable क्यों हैं? क्या ज़हनी तौर पर कोई बीमारी है या वो जान-बूझकर ऐसी हरकतें करते हैं? डोनाल्ड ट्रम्प के इस बयान का Psychological Analysis करते हैं, और बहुत आसान लफ़्ज़ों में समझने की कोशिश करते हैं के psychology ट्रम्प के बारे में क्या कहता है. तो चलिए ट्रम्प की personality को decode करते हैं. 

Trump  Personality: दिमाग से पैदल हैं ट्रम्प; खुद की मनोचिकित्सक भतीजी ने ही खोल दिया राज!

Psychology में एक टर्म होता है NPD यानी Narcissistic Personality Disorder इसे आसान लफ़्ज़ों में ख़ुद-पसंदी की बीमारी कहते हैं. ट्रम्प के बर्ताव में सबसे बड़ी अलामत नार्सिसिज़्म यानी हद से ज़्यादा ख़ुद-पसंदी है. ऐसा शख़्स समझता है कि वो सबसे ऊपर है, और पूरी दुनिया को अपनी मर्ज़ी से चला सकता है. जिन गालियों का इस्तेमाल ट्रम्प ने किया है वो दरअसल दूसरों को हक़ीर यानी नीचा दिखाना चाहते हैं. 

Psychology में एक और मेंटल disorder होता है जिसे Antisocial Personality Traits कहा जाता है. इस तरह की गाली-गलौज वाली ज़बान एक ऐसे ज़हन की तरफ़ इशारा करती है जिसे social और diplomacy के उसूलों और क़ायदों की कोई परवाह नहीं है. इसे Impulse Control की कमी कहा जाता है. यानी ये सोचे समझे बिना के जो मैं कह रहा हूँ या लिख रहा हूँ इसके नतीजे क्या होंगे? गुस्से में कुछ भी बोल देना या धमकी दे देना ये Antisocial Personality Traits के symptoms में से एक है.

सायकॉलजी में एक और टर्म है The Madman Theory.ये ज़रूरी नहीं कि कोई दिमाग़ी बीमारी हो, बल्कि एक चाल भी हो सकती है. ट्रम्प जान-बूझकर ख़ुद को ना-क़ाबिल-ए-यक़ीन यानी Unpredictable ज़ाहिर करते हैं ताकि दुश्मन डर जाए और उनकी बात मान ले. इसे pressure tactics के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है. 

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या फिर ऐसा तो नहीं के ट्रम्प cognitive decline के शिकार हैं? आपको बताते हैं के ये Cognitive Decline क्या होता है। cognitive decline यानी ज़हनी सलाहियत में कमी होना। कई बार ये उम्र की वजह से भी होता है। बढ़ती उम्र और बे-मेल बातों की वजह से कुछ mental health expert इसे बढ़ती उम्र का असर भी मानते हैं। और ऐसे लोग एक ही बार में दो तरह की बे मेल बातें करते हैं। जैसे ट्रम्प ने किया। धमकी, गाली और Praise be to Allah यानी अल्हम्दुलिल्लाह कहना ये Cognitive Decline यानी दिमाग़ी सलाहियत की कमी होना है। जब इंसान का अपने ज़हन और ज़बान पर काबू कम होने लगता है, तो वो अक्सर इसी तरह के सख़्त और बेतुके जुमले इस्तेमाल करता है…अगर मेडिकल की ज़बान में कहें, तो इसे Cluster B Personality Disorder के दायरे में रखा जा सकता है। इसमें इंसान बहुत ज़्यादा ड्रामाई, जज़्बाती और unpredictable यानी ग़ैर यक़ीनी होता है। शायद ट्रम्प के चाहने वाले इसे ट्रम्प की ताक़त समझें लेकिन डॉक्टर इसे Imbalance या disorder की निशानी मानते हैं.

ट्रम्प की मेंटल कंडिशन के बारे हम जो कह रहे हैं उसका खुलासा खुद उनकी भतीजी ने किया है कि ट्रम्प का दिमाग़ी तवाज़ुन यानी mental balance ठीक नहीं है. Mary Trump, Donald trump की भतीजी हैं और जानी-मानी Psychologist हैं. ज़ाहिर है वो ट्रम्प को बचपन से जानती हैं. मैरी ट्रंप ने ट्रम्प के बारे में और उनके mental state के बारे में कुछ सनसनीख़ेज़ खुलासे किए हैं. मैरी ने दो-टूक अल्फ़ाज़ में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप इस देश को चलाने के लिए ज़र्रा बराबर भी काबिल नहीं हैं. उनकी ज़ेहनी हालत अब उस मोड़ पर है, जहाँ उन्हें हुकूमत की कुर्सी पर बिठाना खुदकुशी करने जैसा है.

मैरी ट्रंप ने एक डॉक्टर और एक फ़ैमिली मेंबर के तौर पर दावा किया है कि डोनाल्ड ट्रंप की याददाश्त और उनके सोचने-समझने की ताकत तेज़ी से गिर रही है. उन्होंने ट्रंप की हालिया तक़रीरों का हवाला देते हुए कहा कि ट्रंप अब अपनी बातों में भटकने लगे हैं और अक्सर ऐसी बातें करते हैं जिनका कोई सिर-पैर नहीं होता. मैरी के मुताबिक ये cognitive decline के साफ़ सिम्पटम हैं और ट्रंप अब एक ऐसी दिमागी हालत में पहुँच चुके हैं जहाँ वे होश-ओ-हवास खो रहे हैं.

मैरी trump ने donald ट्रंप के बचपन की वो काली सच्चाई भी दुनिया के सामने रख दी है, जिसे ट्रंप हमेशा छिपाते रहे. उन्होंने बताया कि ट्रंप की परवरिश एक बहुत ही टॉक्सिक और ज़हरीले माहौल में हुई है. उनके वालिद ने बचपन से ही उनके दिमाग में ये ज़हर भर दिया था कि या तो तुम शिकारी बनो या शिकार. इसी वजह से ट्रंप आज भी किसी के लिए हमदर्दी महसूस नहीं करते और उनके लिए हार मानना मौत के बराबर है. उनके मिज़ाज में जो ये ज़ुल्म है, वो उनके घर की ही देन है.

इंटरव्यू के दौरान मैरी ट्रंप ने उन्हें दुनिया का सबसे खतरनाक आदमी करार दिया. उन्होंने वॉर्निंग दी कि एक ऐसा इंसान जिसके पास न्यूक्लियर बटन और दुनिया की सबसे बड़ी फौज है. लेकिन जो अपने गुस्से और जज्बात पर काबू नहीं रख सकता. वो पूरी इंसानियत के लिए खतरा है. मैरी trump ने साफ़ कहा कि ट्रंप अपने फायदे के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, चाहे उसके लिए पूरी दुनिया को जहन्नुम की आग में क्यों न झोंकना पड़े.

आखिर में मैरी ट्रंप ने एक ऐसी बात कही जिसने सबको सोच में डाल दिया है. उन्होंने कहा कि अब बहुत देर हो चुकी है और ट्रंप के मिज़ाज में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं बची है. वो अपनी गलतियों से कभी नहीं सीखते और न ही कभी अपनी गलती मानते हैं. उनके लिए पूरी दुनिया सिर्फ दो हिस्सों में बँटी है. एक वो जो उनके गुलाम हैं और दूसरे वो जो उनके दुश्मन. मैरी trump का ये बयान अब donald ट्रंप के मुख़ालिफ़ीन के लिए सबसे बड़ा हथियार बन चुका है.

इस जंग में ट्रंप का ज़ेहनी दिवालियापन साबित भी हो चुका हैं. न्यूक्लियर वेपन पर क़ब्ज़ा करने, मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम को बंद करने, रिजीम चेंज करने, और ईरानी अवाम को आज़ाद कराने के नाम पर हमला करने वाले ट्रंप अब होर्मुज़ पर अटक गए हैं. जंग के बाद से ये सारे मुद्दे उनके ज़ेहन से ग़ायब हो गए हैं वो बार बार होर्मुज़ की बात कर रहे हैं. आपको याद दिलाते हैं कि होर्मुज़ को लेकर इन 38 दिनों की जंग में कितने बयान बदले. कितने पलटे, कितने दोहराए .

 11 मार्च को उन्होंने कहा- होर्मुज स्ट्रेट से तेल का फ्लो रुका तो 20 गुना ज्यादा नुकसान पहुंचाएंगे.

 22 मार्च वो कहते हैं. अगले 48 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुला तो ईरान को तबाह कर देंगे. 

31 मार्च को उन्होंने कहा- होर्मुज स्ट्रेट तुरंत नहीं खोला जाता है तो ईरान के प्लांट पर हमले होंगे यानी अब सिर्फ़ होर्मुज़ की रट थी. न न्यूक्यिर की बात. न मिसाइल का खौफ़. न ड्रोन की फ़िक्र. न रिजीम को गिराने की साज़िश.अब सिर्फ़ मुद्दा होर्मुज़ था.लेकिन 2 अप्रैल को ट्रंप के दिमाग़ ने पलटी मारी.

2 अप्रैल को उनका बयान आता है कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से न के बराबर तेल लेता है, हमें जरूरत नहीं यानी जो ट्रंप होर्मुज़ ख़ुलवाने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रहे थे . अचानक से यू टर्न ले लिया, लेकिन अगले ही दिन ट्रम्प फिर पलट गए.

3 अप्रैल को ट्रंप बोले- थोड़ा और वक़्त मिलने पर हम आसानी से होर्मुज़ स्ट्रेट को खोल सकते हैं, फिर से होर्मुज़ पर आ गए. 

 5 अप्रैल को उन्होंने सारी हदें पार कर दी कहा, होर्मुज स्ट्रेट खोल दो! वरना तुम नर्क में रहोगे.और फिर गाली का इस्तेमाल.
 ((GFX-22))

ये सारे बयान और हरकतें Mary trump के दावे और psychology के हिसाब से Cognitive Decline, Narcissistic Personality Disorder और Antisocial Personality Traits के दायरे में आते हैं जो अमेरिका के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए ख़तरनाक है.

इसे भी पढ़ें: होर्मुज अब कभी नहीं खुलेगा, खो गया उसका चावी; ट्रम्प की गाली पर दुनिया ने लिए मज़े!

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Abbas Mehdi Rizvi

आउटपुट एडिटर

सैयद अब्बास मेहदी रिज़वी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक जिले आजमगढ़ के लाल हैं. वो एक सधे हुए रिपोर्टर, एंकर, VO आर्टिस्ट और पत्रकार हैं. सैयद अब्बास मेहदी रिज़वी ने अ...और पढ़ें

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