Isa Alaihis Salam Miracles: हजरत ईसा अलैहिस्सलाम के मोजिजात अल्लाह की कुदरत और नबूवत की जिंदा दलील हैं. बिना बाप के पैदाइश, मां की गोद में बोलना, मुर्दों को जिंदा करना और आसमान पर उठाया जाना, ये सभी करिश्मे उन्हें आम इंसान नहीं, बल्कि अल्लाह का चुना हुआ नबी साबित करते हैं.
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Isa Alaihissalam (Jesus) Story: जब जमीन पर शक की धुंध गहरी हो जाती है और इंसानी अक्ल अपने जवाब खो बैठती है, तब अल्लाह अपने नबियों के जरिए ऐसी निशानियां जाहिर करता है जो दिलों को झकझोर देती हैं और ईमान को रौशन कर देती हैं. हर दौर में हर नबी को उसके जमाने के मुताबिक मोजिजात (चमत्कार) अता किए गए ताकि दुनिया जान ले कि नबी कोई आम इंसान नहीं, बल्कि अल्लाह का चुना हुआ पैगम्बर होता है.
इन्हीं मोजिजात में से एक नाम है हजरत ईसा अलैहिस्सलाम. जिनकी जिंदगी कुदरत के ऐसे करिश्मों से भरी है, जो आज भी इंसान को हैरत में डाल देते हैं. बिना बाप के पैदाइश से लेकर मां की गोद में बोलने तक, मुर्दों को जिंदा करने से लेकर आसमान पर उठाए जाने तक, हजरत ईसा अलैहिस्सलाम के मोजिजात सिर्फ किस्से नहीं, बल्कि नबूवत की जिंदा दलील हैं.
अल्लाह ने हर नबी को उस जमाने के मुताबिक मोजिजा अता किए यानी चमत्कार करने की सलाहियत अता की ताकि दुनिया वालों को ये पता चल जाए कि अल्लाह का नबीआम शख़्स नहीं होता है. हम और आप जैसा इंसान नहीं होता. हजरत ईसा (अ.स.) को भी अल्लाह ने मोजिजा अता किया. सबसे पहला मोजिजा तो यही है कि हजरत ईसा (अ.स.) बगैर बाप के पैदा हुए और उसी रोज अपनी मां मरियम अलैहस्सलाम की गोद में बोलने लगे.
पैदाईशी नाबीना को अल्लाह के हुक्म से रौशनी देना. मिट्टी के गारे से परिंदा बनाना और उसमें फूंक मारकर जानदार बनाना. मुर्दों को जिंदा करना. जिंदा हालत में आसमान पर उठा लिया जाना. हजरत ईसा अलैहिस्सलाम ने जब नबूवत का एलान किया और मोजिजात दिखाए तो लोगों ने कहा कि आप चमगादड़ पैदा करें तो आप ने मिट्टी से चमगादड़ बनाई और उसमें फूंक मारी तो वो उड़ने लगा.
चमगादड़ इसलिए बनाई क्योंकि ये अजीबो गरीब परिंदा है. बिना परों के उड़ता है, दांत रखता है. हंसता है और बच्चे पैदा करता है. इसी तरह हजरत ईसा अलैहिस्लाम ने चार लोगों को जिंदा भी किया. एक आजर नामी शख्स था जिससे आपको बेइंतेहा लगाव था. जब उसकी हालत नाजुक हुई तो उसकी बहन ने आप को खबर दी, लेकिन आप उससे तीन रोज के फासले पर थे. तीन रोज बाद जब आप पहुंचे तो उसका इंतेकाल हो चुका था.
आपने उसकी बहन से कहा कि मुझे उसकी कब्र पर ले चलो. आप उसकी कब्र पर पहुंचे और दुआ की तो वह जिंदा हो गया और बहुत दिनों तक जिंदा रहा. एक बुढ़िया के बेटे का भी ऐसा ही वाकया है. उसका बेटा मर चुका था. लोग उसका जनाजा उठा कर उसे दफन करने के लिए ले जा रहे थे. हजरत ईसा अलैहिस्सलाम का उधर से गुजर हुआ तो आपने उसके लिए दुआ. आपकी दुआ से वो जिंदा होकर जनाजा से उठ कर बैठ गया और कपड़े पहन कर अपनी जनाजे की चारपाई कंधे पर उठाकर अपने घर की तरफ चल दिया. इसके बाद वह शख्स मुद्दतों तक जिंदा रहा उसकी औलाद भी हुई.
इसी तरह एक लड़की थी जिसकी मौत शाम के वक्त हुई और आप की दुआ से जिंदा हो गई. तीनों मुर्दों को जब आपने जिंदा किया तो बनी इसराइल के बाशिंदों ने कहा के यह तीनों दर हकीकत मरे नहीं थे, बल्कि तीनों पर सक्ता तारी था. इसलिए वह होश में आ गए लिहाजा आप किसी पुराने मुर्दे को जिंदा करके दिखाइए. इस पर ईसा (अ.स.) आपने फरमाया के हजरत साम बिन नूह अलैहिस्सलाम को वफात पाए हुए चार हजार बरस का जमाना गुजर गया है. तुम मुझे उनकी कब्र पर ले चलो तो मैं उनको अल्लाह के हुक्म से जिंदा कर देता हूं.
आपने उनकी कब्र के पास जाकर इसमें आजम पढ़ा तो फौरन ही हजरत साम बिन नूह अलैहिस्सलाम कब्र से जिंदा होकर निकल आए. उन्होंने घबराते हुए पूछा के क्या कयामत आई गई या फिर वह हजरत ईसा अलैहिस्सलाम पर ईमान लाए फिर थोड़ी देर बाद उनका इंतकाल हो गया. हजरत ईसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह के हुक्म पर इन मोजिजात का इजहार करके ये साबित किया वो आम इंसान नहीं हैं, बल्कि नबी हैं.
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