Israel Gaza War: इजरायल ने क्रूरता की सभी हदें पार कर दी है. गाज़ा जाने वाली मानवीय सहायता को रोकने की वजह से वहां पर भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. इसी कड़ी UN ने इजरायल को नसीहत देते हुए बड़ी अपील कर दी है. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें
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Israel Gaza War: गाजा में लगभग दो सालों से इजारायली बंबारी जारी है, जिससे वहां मानवीय संकट पैदा हो गई है. इसके बावजूद इजरायल ने गाजा जाने वाले सभी मानवीय सहायता को रोक रखा है, और रास्ते को बंद कर दिया है. इसी कड़ी में संयुक्त राष्ट्र के आपातकालीन राहत समन्वयक ने इजरायल से अपील की है कि वह गाजा पट्टी में मानवीय सहायता को जाने दें.
UN ने इजरायल को दी ये नसीहत
UN के अवर महासचिव और आपातकालीन राहत समन्वयक टॉम फ्लेचर ने गुरुवार 1 मई को अपने बयान में कि गाजा पट्टी में मानवीय सहायता न जाने देना और रास्तें को बंद कर देना क्रूर सामूहिक दंड के बराबर है. बता दें कि इस साल के मार्च महीने में इजरायल ने युद्ध विराम समझौते को तोड़ दिया, और गाजा पर नए सिरे से हमला शुरू कर दिया है, साथ ही वहां जाने वाली सभी मानवीय सहायता को रोक दिया है.
इजरायल ने कही ये बात
वहीं, इजराइल ने कहा है कि नाकाबंदी और उसके नए सैन्य अभियान का मकसद हमास पर दबाव डालना है और अपने बंधकों को रिहा कराना है. हालांकि पहले हुए समझौते में हमास ने 59 इजरायली बंधकों को कई चर्णों में रिहा कर दिया था, जिसमें कुछ विदेशी नागरिक भी थे. साथ ही इजरायल ने भी सैकड़ों फिलिस्तिनी कैदियों को रिहा किया था. इन सब के बावजूद अभी हमास के कब्जे में लगभग 24 इजरायली बंधक जीवित होने का अनुमान है.
नागरिकों के जीवन को सौदेबाजी का विषय न बनाया जाए-UN
UN के अवर महासचिव और आपातकालीन राहत समन्वयक टॉम फ्लेचर ने एक बयान में कहा कि मानवीय सहायता और नागरिकों के जीवन को कभी भी सौदेबाजी का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सहायता को रोकने से नागरिक भूखे मरते हैं.