)
नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सिविल इंजीनियरिंग मेहकमा के असिस्टेंट प्रोफेसर इबादुर रहमान ने नैनो सीमेंट की ईजाद की है. उनके इस हुनर को हिंदुस्तानी हुकूमत के ज़रिए पेटेंट भी मिल चुका है. इबादुर रहमान की यह ईजाद न्यूक्लियर पावर प्लांट, एयरपोर्ट रनवे और ब्रिज वगैरा जैसे मज़बूत तामीरी कामों में बहुत कारगर साबिक होगा.
इसके अलावा हाई स्ट्रेंगथ सीमेंटिटियस नैनोकोम्पोसिट कम्पोजिशन, 'स्मार्ट सिटीज़' जैसे भारत सरकार के अहम मंसूबों के लिए भी यह कारगर साबित होगा. क्योंकि वहां बड़ी-बड़ी और कई-कई मंज़िला इमारतों की तामीर होगी.
इस ईजाद का अहम मक़सद नैनो सीमेंट पर आधारित चीज़ों का प्रोडक्शन करने के लिए नैनो टेक्नोलॉजी और तामीराती टेक्नोलॉजी को एक साथ लाना है, जिससे मकैनिकल पर्फामेन्स को बढ़ाया जा सके, वज़न को कम किया जा सके और सामग्री संसाधनों का सबसे प्रभावशाली इस्तेमाल हो सके.
जामिया के डॉ इबादुर रहमान के अलावा इसके दो और भी पेटेंटी हैं. जिनमें सिविल इंजीनियरिंग मेहकमा के प्रो. मोहम्मद आरिफ और डिपार्टमेंट आफ अप्लाइड फ़िजिक्स, ज़ेड एच कालेज आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अमीर आज़म शामिल हैं
Zee Salaam LIVE TV