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नई दिल्ली/शोएब रज़ा: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के लिए यह बहुत फख्र की बात है कि उसने ह्यूमन रिसोर्स डेवेलपमेंट के ज़रिए तश्खीस के टार्गेट्स में बेहतरीन कारकरदगी करते हुए " oustanding performance"की हुसूलियाबी हासिल की है. एमएचआरडी के एक खत में साफ कह दिया गया है कि साल 2019-20 के लिए ओवरआल एसेस्मंट में जामिया ने 95.23 फीसद नंबर हासिल किए हैं.
यह तशखीस स्टूडेंट डायवर्सिटी और इक्विटी, फैकल्टी की क्वालिटी, अकादमिक नतीजे, रिसर्च लेवल, आउटरीच, ऑपरेशन, माली, कौमी और आलमी रैंकिंग और एक्स्ट्रा करिक्यूलर सरगरमियों जैसे मैयारों पर मुनहसिर है.
काबिले ज़िक्र है कि एमएचआरडी के एनआईआरएफ में जामिया को यूनिवर्सिटियों की कैटेगरी में मुल्क में 10 वें मकाम पर रखा गया है, जो गुज़िश्ता साल के बारहवें दर्जे से बेहतर है. ओवरऑल कैटगरी में, पिछले साल की 19वीं पोज़िशन से अच्छी कारकरदगी करते हुए जामिया ने इस बार 16वीं रैंक हासिल की है. इस कैटगोरी में आईआईटी, आईआईएम, आईआईएससी जैसे आला तकनीकी इदारे शामिल हैं.
यही नहीं, जामिया ने लगातार तीसरे साल मशहूर क्वैकरेलेली साइमंड्स (क्यूएस) वर्ल्ड यूनिवर्सटी रैंकिंग-2021 में अपनी रैंकिंग को बरकरार रखा. इस साल क्यूएस के ज़रिए तशखीस के लिए यूनिवर्सिटीज़ की तादाद काफी बढ़ाए जाने के बावजूद जामिया ने 751-800 की केटेगरी में अपना मकाम बनाया है.
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