Jamia Millia Islamia: जामिया प्रशासन ने एक सख्त कार्रवाई करते हुए 7 स्टूडेंट्स को निलंबित कर दिया है, वहीं, 20 स्टूडेंट्स को निटिस जारी किया है. गुज़िश्ता रोज़ छात्रों के दो गुटों में हाथापाई और पत्थर पाजी की घटना हुई थी. पूरी जानकारी के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Jamia Millia Islamia: जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने 7 स्टू़डेंट्स को कॉलेज से निकाल दिया है, वहीं 20 छात्रों को निटिस भेजा है. यह कार्रवाई मेवात और यूपी के छात्र गुटों के बीच हाल ही में हुए पथरबाजी और झड़प के खिलाफ की गई है.
दरअसल, जामिया प्रशासन ने अनुशासनात्म कार्रवाई करते हुए दो छात्र गुटों के 7 स्टूडेंट्स को निलंबित कर दिया है, इनमें 4 छात्रों को अगले एक साल के लिए और 3 छात्रों को अगले तीन-तीन साल के लिए कॉलेज से निका दिया गया है. बिते 23 अप्रैल को जमिया के गेज नंबर 8 पर किसी मामुली बात पर यूपी और मेवात के स्टूजेंट्स के गुट आपस में भिड़ गए, और एक दूसरे पर पथराव भी किया था. हालांकि कैंपस में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने बीचबचाव किया और मामले को अपने शांत करवाया था.
जामिया प्रशासन ने CCTV कैंमरे सी की थी आरोपियों की पहचान
झगड़े में शामिल स्टूडेंट्स की पहचान कैंपस में लगी सीसीटीवी कैंमरे के माध्यम से की गई थी, जामिया प्रशासन ने इस मामले की शिकायत स्थानिय पुलिस को की थी. जामिया प्रशासन ने इस कार्रवाई के संबंध में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
जामिया में क्षेत्र के आधार पर बने हैं स्टूडेंट्स ग्रुप !
गौरतलब है कि जामिया में छात्रों के बीच झड़पर होते रहते हैं, कभी कभी यह हिंसक रूप ले लेती है. लखास कर मेवात और यूपी क्षेत्र के छात्रों के बीच इससे पहले कई बार झड़प हो चुके हैं, दोनों गुटों के छात्र कैंपस में अपना बर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं. वहीं, दोनों तरफ से क्षेत्र के अधार पर ग्रुप भी बनाए गए हैं, जिसके कारण मामूली सी बात हिंसक झड़प में तबदील हो जा रही है.
जामिया के छात्रों ने कही ये बात
कैंपस के छात्रों का कहना है कि कुछ आरजक त्तव जो कैंपस के नहीं है, वो भी अवैध तरीके से प्रवेश कर जाते हैं. छात्रों का कहना है कि प्रशासन को इन बाहरी लोगों के एंट्री पर रोक लगानी चाहिए और स्कयोरिटी को और सख्त करने की जरूरत है. कैंपस के छात्रों का दावा है कि क्षेत्र के अधार पर बने ग्रुप का और कोई काम नहीं है सिवाए झगड़ा और फसाद फैलाने का. इन घटनाओं से आम स्टूडेंट्स भी अपने आप की सुरक्षा के लिए चिंतित रहते हैं.