Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के सीएम ने वहां के विधानसभा में पहलाम आतंकी हमले के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए बड़ी बात कह दी है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, लेकिन इस वक्त हम 26 लोगों की मौत का इस्तेमाल केन्द्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए नहीं करूगां, और स्टेटहूड की मांग नहीं करूंगा. हम इस मुसकिल के वक्त सरकार और पीड़ितों के साथ हैं. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें
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Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ वहां के CM उमर अब्दूल्ला ने विधानसभा में बेबाकी के साथ बोला और 26 सैलानियों की मौत पर दुख व्यक्त किया. विधानसभा में दिए बयान के बाद मुल्क भर में उनकी तारीफ हो रही है.
दरअसल, पहलगाम हमले के बाद 28 अप्रैल यानी आज जम्मू-कश्मीर विधानसभा की एक विशेष सत्र बुलाई गई , और विधान सभा में मौजूद सभी नेताओं ने खड़े होकर शहिद सैलानियों को ख़िराज-ए- अकीदत पेश किया. सीएम उमर अब्दुल्ला ने गंभरता के साथ कहा कि हमारी राजनीति इतनी गिरी हुई नहीं है, इस वक्त हम 26 लोगों की मौत का इस्तेमाल केन्द्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए बिल्कुल नहीं करेंगे, और अभी स्टेटहुड की मांग हरगिज नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुश्किल वक्त में सरकार और पीड़ितों के साथ खड़े हैं.
सैलानियों की हिफाजत करने में हम नाकाम रहे- उमर अब्दुल्ला
CM उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब वह शहिद हुए सैलानियों को ख़िराज-ए-अकीदत पेश करने के लिए गए तो, शहिद के परिवार वालों से माफी मांगने के लिए उनके पास अल्फाज नहीं थे. उन्हें कहा कि हमें मालूम है कि सूबे की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी नहीं है, लेकिन फिर भी टूरिज्म मिनिस्टर होने के नाते हमने सैलानियों को दावत दी थी, यह हमारी जिम्मेदारी थी कि उन्हें सही सलामत घर वापस भेजे, लेकिन हम ऐसा करने में नाकाम होगए.
मस्जिदों से की गई इस हमले की मजम्मत
पहगाम हमले में शहिद सभी सैलानियों को जम्मू-कश्मीर विधानसभ में नाम लेकर श्रधांजली दी गई. उन्होंने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर इस हमले के खिलाफ घरों से बाहर आकर प्रोटेस्ट किया, और मस्जिदों से इस हमले की मजम्मत की गई. उन्होंने कहा ऐसे हमलों के खिलाफ खड़े होने का सिलसिला रुकना नहीं चाहिए, बल्कि और बढ़ना चाहिए.
सैलानियों को बचाने के लिए इस कश्मीरी ने जान की बाजी लगा दी
साथ ही उन्होंने यह भी जिक्र किया कि इस हमले के दौरान लोकल कश्मीरियों ने सैलानियों की जान बचाई, उन्होंने सैलानियों की जान बचाने वाले आदिल की बहादुरी का जिक्र करते हुए कहा की वह अपने जान की बाजी लगाकर सैलानियों को अपने कंधे पर उठाकर एंबुलेंस और अस्पताल तक पहुंचाया.