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नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर की शहरियत हासिल करने के लिए सूबाई हुकूमत ने डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी करने की हिकमते अमली का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और साथ ही दरख्वास्त के लिए इसका फार्मेट भी जारी किया है. सर्टिफिकेट के अहल शख्स ऑनलाइन और ऑफलाइन दरख्वास्त दे सकते हैं. नोटिफिकेशन के मुताबिक अर्ज़ी देने के 15 दिनों के अंदर सर्टिफिकेट बनकर आ जाएगा.
It has taken 70 years to undo a miscarriage of history. Dawn of a new era of justice with dignity, for people of #JammuAndKashmir. Thanks PM Sh @narendramodi for making this "Mumkin".
Domicile Rules Notified pic.twitter.com/x4nE8PRxgX
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) May 19, 2020
नोटिफिकेशल मे बताया गया है कि जम्मू-कश्मीर में गुज़िश्ता 15 सालों से रहने वाले शख्स या फिर सात साल तक पढ़ाई करने वाले को सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा. रियासत में पढ़ाई करने वाले के लिए शर्त यह है कि मुतअल्लिका शख्स ने जम्मू-कश्मीर के तालीमी इदारों से ही दसवीं या बारहवीं इम्तेहानात भी दिए हों.
इसके अलावा मरकज़ी हुकूमत के अफसरों के बच्चे, अखिल भारतीय सेवा के अफसर, मरकज़ी हुकूमत के खुदमुख्तार इदारों के अफसर, मरकज़ी यूनिवर्सिटीज़ व रजिस्टर्ड रिसर्च इंसटीट्यूट के अफसर, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में 10 साल तक नौकरी की हो, उन्हें और उनके बच्चों को भी डोमिसाइल सर्टिफिकेट के अहल माना जाएगा.
पंद्रह साल तक जम्मू-कश्मीर में रहने वाले शख्स, उसके बच्चे, सात साल से जम्मू कश्मीर में पढ़ाई करने वाले और सूबे से बाहर नौकरी कर रहे लोगों के लिए भी तहसीलदार अहल अफसर होगा.
नोटिफिकेशन के मुताबिक नाबालिग या माज़ूर के मामले में वालिदैन दरख्वास्त दे सकेंगे. सूबे के मुस्तकिल शहरी और बच्चे डोमिसाइल सर्टिफिकेट के लिए तहसीलदार के सामने दरख्वास्त पेश करेंगे. उनके मामले में जिला डिप्टी कमिश्नर अपीलेंट अथॉरिटी रहेगा.
वहीं मरकज़ी सर्विसेज़ के अफसरों के बच्चों के मामले में एडीशनल सैक्रेटरी या जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट का अफसर अहल होगा.
मुहाजिरों के मामले में राहत और पुनर्वास (नौ-आबादकारी) कमिश्नर अहल अफसर होगा.
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