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जमशेदपुरः आम बेचने वाली एक ग्यारह साल की जमशेदपुर की लड़की ने स्मार्टफोन पर ऑननलाइन पढ़ाई करने का अपना सपना पूरा कर लिया है. इसमें खास बात यह है स्मार्टफोन खरीदने के लिए उसके पैसे जमा करने का तरीका. उसने सिर्फ 12 आमों को 1.2 लाख रुपये में बेचकर इतनी रकम जमा कर ली. यह चमत्कार एक शख्स की वजह से मुमकिन हुआ जिसने 11 साल की 5वीं क्लास की छात्रा तुलसी कुमारी के सपने पूरे करने के लिए उससे 10 हजार रुपये प्रति आम की दर से 12 आम खरीद लिए.
Jharkhand | 11-yr-old Tulsi Kumari from Jamshedpur sells 12 mangoes for Rs 1,20,000, buys a smartphone for online classes
A man from Mumbai bought 12 mangoes at Rs 10,000 each seeing her determination to study. This helped Tulsi buy a smartphone for her studies, says her mother pic.twitter.com/hkzSHIWoST
— The Times Of India (@timesofindia) June 30, 2021
ऑनलाइन क्लास के लिए नहीं थे स्मार्टफोन
तुलसी कुमारी 5वीं की छात्रा हैं. लॉकडाउन में स्कूल बंद होने की वजह से स्कूल ने कहा कि अब स्मार्टफोन पर ऑनलाइन पढ़ाई करनी होगी, लेकिन तुलसी के घर किसी के पास स्मार्टफोन नहीं था. लॉकडाउन के दौरान तुलसी के परिवार की माली हालत भी काफी खराब हो गई थी. तब तुलसी ने घर वालों की आर्थिक सहायता और मोबाइल खरीदने के लिए आम बेचने लगी. आम बेचने से जो पैसे आते थे वे राशन में खर्च हो जा रहे थे और स्मार्टफोन के लिए उसके पास पैसे जमा नहीं हो पाते थे.
एक सर ने खरीद लिया 1.2 लाख में 12 आम
तुलसी बताती हैं, “एक दिन एक सर ने मेरे से 12 आम खरीदे और इसके बदले में उन्होंने 1.2 लाख रुपये दे दिए. आम के पैसे देने के अलावा सर ने मुझे एक स्मार्टफोन भी दिया.’’ तुलसी की मां पदमिनी देवी कहती है, “मेरी बेटी अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए स्मार्टफोन खरीदने की जिद कर रही थी, लेकिन मेरे पास उतने पैसे नहीं थे. तुलसी ने अपने पैसे से मोबाइल फोन खरीदने के लिए सड़क किनारे आम बेचने लगी फिर भी मोबाइल नहीं खरीदा जा सका. फिर एक दिन मुंबई के किसी आदमी को यह बात पता चली तो उन्होंने तुलसी को ज्यादा पैसे देकर आम भी खरीद लिया और उसे स्मार्टफोन भी गिफ्ट कर दिया.’’ तुलसी की मां उस शख्स का शुक्रिया अदा करते हुए कहती हैं, “उन्होंने मेरी बेटी के पढ़ाई के सपने को मरने नहीं दिया.”
इतना महंगा आम खरीदने वाला शख्स कौन है
दरअसर, तुलसी के स्मार्टफोन खरीदने के लिए आम बेचने की स्टोरी किसी सहाफी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की थी. इस पोस्ट को जब मुंबई के एक बिजनेमैन अमेया हेते ने पढ़ा तो उनका दिल भर आया. हेते कहते हैं, “ये जानकर उन्हें काफी दुख हुआ कि भारत में आज भी बच्चे अपनी पढ़ाई और जरूरत की छोटी-मोटी चीजों के लिए संघर्ष करते हैं.’’ हेते कहते हैं, “उन्हें तुलसी की सबसे खास और प्रभावित करने वाली बात यह लगी कि उसने अपने सपने को यूं ही मरने नहीं दिया. उसने अपने सपने को जिंदा रखने और हासिल करने के लिए कोशिश कर रही थी.’’ फिर एक दिन हेते ने अपने आदमी भेजकर तुलसी से आम खरीद कर उसके सपने पूरे करने में मदद की.
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