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रांची: हिंदुस्तान में झारखंड के वज़ीरे तालीम (Education Minister) ने एक ऐसी मिसाल कायम की है जो शायद आज से पहले कहीं भी देखने को नहीं मिली है. दरसअल वज़ीरे तालीम सिर्फ 10वीं पास हैं. महज़ दसवीं जमात तक पढ़े होने की वजह से लोग उनके बारे में कहा करते थे कि जो मिनिस्टर खुद ही नहीं पढ़ा हुआ वह वज़ीरे तालीम बन कर क्या कर पायेगा. लोगों इस शिकायत के बाद उन्होंने बाकायदा तालीम हासिल करने के लिए स्कूल में दाखिला ले लिया है.
53 साल के रांची निवासी जगरनाथ महतो ने पच्चीस साल पहले 1995 में दसवीं क्लास पास की थी. जनवरी 2020 को सूबे के वज़ीरे तालीम का ओहदा था. तभी कुछ लोगों ने उनपर कमेंट किया था कि दसवीं पास को वज़ीरे तालीम बना दिया गया है. इसके बाद ही उन्होंने तय कर लिया था कि वे आगे की पढ़ाई करेंगे.
अब जगरनाथ महतो ने बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड हेडक्वार्टर में मौजूद देवी महतो स्मारक इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट आर्ट्स में दाखिला लिया है. अपने इस कोर्स में एक सब्जेक्ट्स के तौर पर उन्होंने सियासियात (Political Science) को मुंतखब किया है. जगरनाथ महतो का कहना है कि तालीम हासिल करने की कोई उम्र नहीं होती. हमने हमेशा देखा है कि नौकरियां करते हुए भी लोग आईएएस, आईपीएस की तैयारी करते हैं और वो कामयाबी हासिल करते हैं.
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