Jharkhand Mob Lynching 2025: झारखंड के बोकारो में चौंकाने वाली घटना सामने आई है. भीड़ ने एक मुस्लिम व्यक्ति अब्दुल कलाम की पीट-पीटकर हत्या कर दी. वायरल वीडियो से आक्रोश फैल गया है. AIMIM ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
Trending Photos
)
Bokaro Mob Lynching News: मुल्क में मुसलमानों के खिलाफ हिंसा दिन-ब-दिन तेज होती जा रही है. सरकार भले ही मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए कानून बना चुकी है, लेकिन सरेआम इंसानियत का खून करने वाले इन दरिंदों को न पुलिस का डर है और न कानून की चिंता हैं. साथ ही इन दरिंदों को न इंसानियत की परवाह है. इस बीच झारखंड से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. जहां भीड़ ने एक मुस्लिम शख्स को बेरहमी से पीट-पीटकर कत्ल कर दिया है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि कब तक ऐसे हैवान इंसाफ और कानून को ठेंगा दिखाकर मासूम जिंदगियां छीनते रहेंगे?
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि झारखंड के बोकारो जिले के नारायणपुर इलाके में भीड़ ने अब्दुल कलाम नाम के शख्स की पीट-पीटकर कत्ल कर दिया. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भीड़ एक शख्स के हाथ बांधकर उसे पीट रही है और उसके साथ बदसलूकी भी कर रही है. इतना ही नहीं शख्स को गालियां भी दी जा रही हैं. दावा किया जा रहा है कि शख्स के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है और वह अपने परिवार का इकलौता सहारा था और वह सेंटरिंग का काम करता था. हालांकि, मुस्लिम शख्स पर छेड़खानी का इल्जाम लगाया गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल ने एक आदिवासी लड़की से छेड़खानी करने का इल्जाम था, जिसके बाद भीड़ ने हत्या कर दी. पुलिस ने मॉब लिंचिंग में शामिल 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
बोकारो जिले के नारायणपुर में अब्दुल कलाम को भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी, जिससे उसकी मां अब बेसहारा हो गई। पुलिस ने मॉब लिंचिंग धाराओं में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। pic.twitter.com/6Bx6Walppy
— The Muslim Spaces (@TheMuslimSpaces) May 9, 2025
मॉब लिंचिंग के खिलाफ कार्रवाई की मांग
अब इस मामले को लेकर राजनीति भी जारी है. AIMIM समेत कई नेता मॉब लिंचिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. AIMIM नेता ने कहा कि झारखंड के बोकारो जिले के नारायणपुर में जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया. मो. अब्दुल कलाम एक मेहनतकश नौजवान था, जो सेंटरिंग का काम करके अपनी बुजुर्ग मां का सहारा बना रहा था. लेकिन भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला. किसने इस भीड़ को किसी की जान लेने का हक़ दिया?
AIMIM नेता ने पूछा सवाल
उन्होंने आगे कहा कि अब्दुल के पिता पहले ही गुजर चुके थे, अब मां का अकेला सहारा भी छिन गया. ये सिर्फ एक हत्या नहीं, ये दरअसल हमारे संविधान, हमारे कानून और इंसानियत के ताने-बाने की हत्या है. इसके साथ ही सवाल करते हुए कहा कि आज हर कोई पूछ रहा है कि नरेंद्र मोदी जी, क्या इन दरिंदों के घर पर बुलडोज़र चलेगा? क्या इन हरामियों का एनकाउंटर होगा? क्योंकि जब तक हम खामोश रहेंगे, भीड़तंत्र यूं ही लोगों की जान लेता रहेगा.