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नई दिल्ली: सीनियर कांग्रेसी लीडर कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने अपना ट्वीट वापस ले लिया है और कहा है कि राहुल गांधी के ज़रिए ज़ाती तौर पर बताया गया है कि उन्होंने ऐसे कुछ भी नहीं कहा है. इसलिए मैं अपना ट्वीट वापस लेता हूं.
Was informed by Rahul Gandhi personally that he never said what was attributed to him .
I therefore withdraw my tweet .
— Kapil Sibal (@KapilSibal) August 24, 2020
इसके अलावा रणदीप सुरजेवाला ने भी ट्वाट कर बताया कि राहुल गांधी ने कभी भी ऐसे अल्फाज़ का इस्तेमाल नहीं किया. इसलिए झूठी अफवाहें और गैर ज़िम्मेदाराना जानकारी न फैलाएं. साथ ही सुरजेवाला ने यह भी कहा कि हां, हमें एक साथ काम करने की ज़रूरत है ताकि हम मोदी हुकूमत के खिलाफ लड़ाई लड़ सकें.
बता दें कि इससे पहले कपिल सिब्बल ने ट्वीट करते हुए कहा था कि राहुल गांधी कहते हैं कि हमारी बीजेपी के साथ सांठ-गांठ है, राजस्थान हाईकोर्ट में पार्टी को कामयाबी दिलाई. मणिपुर में बीजेपी के खिलाफ पूरी ताकत से पार्टी का बचाव किया और पिछले 30 सालों में बीजेपी की हिमायत में एक भी बयान नहीं दिया. फिर भी हम पर बीजेपी से सांठ-गांठ का आरोप लग रहा है.
ज़राए के हवाले से खबर थी कि मीटिंग के दौरान राहुल गांधी ने सोनिया गांधी को खत लिखने वाले 23 लीडरों में के बारे में बोलते हुए कहा है कुछ लीडरों पर भाजपा से मिलीभगत का इल्ज़ाम लगाया था. जिसके बाद पार्टी के सीनियर लीडर गुलाम नबी आज़ाद और कपिल सिब्बल ने सख्त नाराज़गी का इज़हार किया. यहां तक कि गुलाम नबी आज़ाद ने इल्ज़ाम साबित होने पर पार्टी की रुक्नियत से इस्तीफा देने तक की बात कही थी.
दरअसल गुलाम नबी आज़ाद, कपिल सिब्बल, वीरप्पा मोइली और मनीष तिवारी समेत 23 दिग्गज कांग्रेस लीडरों ने सोनिया गांधी को सीडब्ल्यूसी की बैठक से पहले एक खत लिखा था. इस खत में पार्टी कयादत पर सवाल खड़े करते हुए इन नेताओं ने एक मुस्तकिल सद्र की मांग की है जो न सिर्फ काम करता नज़र आए, बल्कि असल में ज़मीन पर उतरकर काम करे भी.
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