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Khalid Jamil Appointed Head Coach: अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) की कार्यकारी समिति (EC) ने महासंघ की तकनीकी समिति (TC) की सिफारिश पर शुक्रवार को अपनी वर्चुअल बैठक के दौरान खालिद जमील को सीनियर पुरुष भारतीय राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच नियुक्त करने का फैसला किया. यह जानकारी एआईएफएफ के एक आधिकारिक बयान से मिली.
इस मौके पर AIFF के अध्यक्ष कल्याण चौबे, उपाध्यक्ष एनए हारिस, कोषाध्यक्ष किपा अजय, कार्यकारी और तकनीकी समितियों के सदस्य भी मौजूद थे. साथ ही फुटबॉल के कई दिग्गज जैसे द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच बिमल घोष और अरमांडो कोलाको, तथा ध्यानचंद पुरस्कार विजेता शब्बीर अली भी शामिल हुए.
कोलाको, घोष और अली ने राय व्यक्त की कि अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) को सीनियर पुरुष राष्ट्रीय टीम के कोच के रूप में भारतीय कोचों को प्राथमिकता देनी चाहिए. तीनों ने कहा कि वे भी अपने कोचिंग करियर में भारतीय कोच रहे हैं, लेकिन उन्हें राष्ट्रीय टीम को कोचिंग देने का मौका नहीं मिला. फिर भी उनका मानना है कि भारतीय कोचों को अपनी क्षमता साबित करने का पूरा मौका मिलना चाहिए.
तकनीकी समिति के अध्यक्ष पद्म श्री और अर्जुन पुरस्कार विजेता आईएम विजयन ने अपने खेल के दिनों के अनुभव साझा किए और कहा कि सुखविंदर सिंह और सैयद नईमुद्दीन जैसे मुख्य कोचों के साथ भारत की फीफा रैंकिंग काफी ऊंची थी. इसलिए, उन्होंने खालिद जमील की पुरज़ोर सिफ़ारिश की, क्योंकि उन्हें पहले ही दो मौकों (2023-24 और 2024-25) पर AIFF के पुरुष कोच ऑफ़ द ईयर पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.
इसके बाद, सदन के बहुमत ने तकनीकी समिति की सिफ़ारिशों को स्वीकार कर लिया. AIFF के उपाध्यक्ष हारिस, पिंकी बोमपाल मगर, थोंगम तबाबी देवी, क्लाइमैक्स लॉरेंस, मेनला एथेनपा, आरिफ अली, मोहन लाल और अन्य सदस्यों ने कहा कि भारतीय फुटबॉल की बेहतरी के लिए महासंघ को एक भारतीय कोच को मौका देना चाहिए.
स्टीफन कॉन्स्टेंटाइन के सुझाव भी कार्यकारी समिति के कुछ सदस्यों की ओर से आए. हालांकि, विस्तृत चर्चा के बाद सदन ने खालिद जमील के पक्ष में फैसला सुनाया. सदन ने महसूस किया कि चूंकि भारत को इस महीने के आखिर में सीएएफए नेशंस कप 2025 में हिस्सा लेना है, जिसके बाद अक्टूबर में सिंगापुर के खिलाफ लगातार दो एएफसी एशियन कप फाइनल राउंड क्वालीफायर मैच होंगे, जमील एक बेहतर विकल्प होंगे, क्योंकि वह नियमित रूप से भारतीय खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं.