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नई दिल्ली: अपोज़ीशन के भारी हंगामे के बीच कृषि विधेयक (ज़राअती बिल) इतवार को राज्य सभा में पास हो गया. हाउस में बिल पर चर्चा के दौरान ज़ोरदार हंगामा हुआ. यहां तक कि अपोज़ीशन के एमपीज़ ने आसन के सामने लगे माइक को तोड़ दिया और टीएमसी एमपी डेरेक ओ ब्रायन ने डिप्टी स्पीकर के सामने रूल बुक तक फाड़ दी. दरअसल, सदन की कार्यवाही 1 बजे पूरी होनी थी. डिप्टी स्पीकर ने कार्यवाही को बिल के पास होने तक बढ़ाने का फैसला लिया.
Rajya Sabha: TMC MP Derek O'Brien entered the well and showed the House rule book to Rajya Sabha Deputy Chairman Harivansh, during discussion in the House on agriculture Bills pic.twitter.com/OlTjJb6j4F
— ANI (@ANI) September 20, 2020
इससे पहले मरकज़ी वज़ीरे ज़राअत (कृषि) नरेंद्र सिंह तोमर ने बिल पेश करते हुए कहा था कि इस बिल से किसानों का ज़िंदगी सुधरेगी और फसल की मुनासिब कीमत भी मिलेगी. तोमर ने कहा कि ये बिल तारीखी हैं और किसानों के ज़िंदगी में बड़े बदलाव लाने वाले हैं. इस बिल के ज़रिए से किसान अपनी फसल किसी भी जगह पर मनचाही कीमत पर बेचने के लिए आजाद होगा. इन बिलों से किसानों को महंगी फसलें उगाने का मौका मिलेगा.
वहीं इस बिल पर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने चर्चा के दौरान कहा, 'पंजाब और हरियाणा के किसान समझते हैं कि ये उनकी आत्मा पर बहुत बड़ी चोट है. कांग्रेस इसे खारिज करती है. किसान का बेटा होने के नाते किसानों के डेथ वारंट पर किसी तरह साइन करने को तैयार नहीं.
उन्होंने आगे कहा कि मुझे हैरानी हुई कि इस वक्त इस बिल को लाने की जरूरत क्या है, जब कोरोना के एक लाख केस हर रोज़ निकल रहे हैं. जब चीन बॉर्डर पर बैठा है, तब इसकी ज़रूरत क्या है.' बाजवा ने कहा, 'एमएसपी को खत्म करने का तरीका है. यही हाल अमेरिका में हुआ है. किसानों की तीस फीसद जमीनें कॉरपरेट हाउस ले गए, किसान सड़कों पर है.'
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