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India U-19 vs Ingland U-19: किसी भी टीम को आगे बढ़ाने में उसके कप्तान का अहम किरदार होता है. कप्तान ही होता है जो कई अच्छे फैसले लेकर कई रणनीति बना कर अपनी टीम को आगे पहुंचाने की कोशिश करता है. भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के कप्तान यश धुल (Yash Dhull) ने कुछ ऐस ही किया है.
भारतीय अंडर-19 के कप्तान यश धुल ने अपने कड़े फैसलों और अच्छे रनों की बदौलत टीम इंडिया को अंडर-19 के विश्व कप के फ़ाइनल में पहुंचाया है. इसके बाद भारत को अंडर-19 में पांचवीं बार चैंपियन बनाया है.
यश धुल दिल्ली के ऐसे तीसरे लड़के बन गए हैं जिन्होंने यह कारनामा किया है. इससे पहले विराट कोहली ने 2008 में और उन्मुक्त चंद ने 2012 में भारत को फाइनल में पहुंचाया था.
यश धुल की कप्तानी में भारत की युवा टीम ने शनिवार रात (5 फरवरी) को अंडर-19 के फाइनल में इंग्लैंड को 4 विकेट से धूल चटाकर पांचवीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीता.
अंडर-19 के फाइनल मुकाबले में भले ही कप्तान यश धुल सिर्फ 17 रन बना कर आउट हो गए हों लेकिन उनकी रणनीति की बदौलत टीम ने ये खिताब अपने नाम किया. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के साथ सेमीफाइनल मुकाबले में यश धुल ने बहुत अच्छा काम किया था. उन्होंने 110 गेंदों पर 110 रन बनाए.
भारतीय टीम के लिए अंडर-19 टूर्नामेंट संघर्ष से भरा था. शुरुआत में ही कप्तान धुल कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे. लेकिन वह फ़िट होकर आए और टीम में पूरी तरह से अपनी जिम्मेदारी संभाली. भारत को फाइनल में पहुँचाने वाले यश धुल की कप्तानी पारी की खूब तारीफ हो रही है.
Leading by example
India’s captain Yash Dhull (left) and vice-captain Shaik Rasheed (right) built a huge partnership in the #U19CWC semi-final.@OPPOIndia #shotoftheday pic.twitter.com/kIidOYPYgf
— ICC (@ICC) February 2, 2022
विराट कोहली, ऋषभ पंत के बाद यश धुल जूनियर क्रेकेट में भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले नई पीढ़ी के क्रिकेटर हैं. यश धुल को क्रिकेटर बनाने के लिए उनके पिता ने काफी कुर्बानी दी. उनके पिता उन्हें क्रकेटर बनाने के लिए अपनी नौकरी छोड़ी और पार्ट टाइम काम किया.
यश का बचपन गरीबी और तकलीफ में बीता. यश का परिवार उनके दादा की पेंशन पर चलता है. उनके दादा भारतीय फौज में थे. यश के पिता के मुताबिक उन्होंने अपने घर का खर्च कम किया और यश की प्रैक्टिस पर पूरा फोकस किया.
एनबीटी की खबर के मुताबिक यश की मां बताती हैं कि उनके घर के पास क्रिकेट क्लब में ट्रेनिंग शुरू हुई थी इसमें यश ने भाग लिया. तब यश 12 साल के थे. इसके बाद वह अंडर-14 की टीम में लिए गए. लेकिन उन्हें असल पहचान तब मिली जब वह अंडर-16 की टीम में थे. उन्होंने पंजाब के खिलाफ 185 रन की नाबाद पारी खेली थी.
कप्तान यश धुल की तारीफ ICC ने की है. ICC ने अपने एक ट्वीट में लिखा है कि 'नज़ीर देते हुए नेतृत्व. भारतीय कप्तान यश धुल और उपकप्तान शेख़ रशीद ने अंडन-19 विश्व कप सेमीफ़ाइनल में विशाल साझेदारी की'
पिछले साल जब धुल को भारतीय अंडर-19 टीम का कप्तान बनाया गया तब यश से पूछा गया था कि वह कैसा फील कर रहे हैं तो उन्होंने मुस्कुरा कर कहा कि, 'अभी तो शुरुआत कर रहा हूं'. उन्होने कहा कि 'अगर ईमानदारी से खेलते रहेंगे तो एक दिन अच्छे लेवल पर जरूर पहुंचेंगे'.
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