Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam2682825
Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंपाकिस्तान के आतंकियों में मचा अज्ञात बंदूकधारियों का खौफ, हाफिज सईद के करीबी की गोली मारकर हत्या

पाकिस्तान के आतंकियों में मचा अज्ञात बंदूकधारियों का खौफ, हाफिज सईद के करीबी की गोली मारकर हत्या

Pakistan News: पाकिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों का खौफ जारी, पाकिस्तान के पांजब प्रांत के इलाके में शनिवार शाम 15 फरवरी को कुख्यात आतंकी हाफिज सईद का करीबी अबू कतल को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार कर हत्या कर दी है. पूरी जानकारी के लिए नीचे स्क्रॉल करें.

पाकिस्तान के आतंकियों में मचा अज्ञात बंदूकधारियों का खौफ, हाफिज सईद के करीबी की गोली मारकर हत्या

Pakistan News: जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा का सीनियर कमांडर की पाकिस्तान में हत्या हो गई है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के  पंजाब प्रांत में शनिवार शाम 15 फरवरी को अज्ञात बंदूकधारी ने गोली मार कर हत्या कर दी है. इस खबर के बाद पाकिस्तान में सनसनी फैल गई है. साथ ही अज्ञात बंदूकधारियों से खौफ भी बढ़ गाया है. पाकिस्तान में पिछले एक-दो सालों से ऐसी कई खबर सामने आ चुकी है. पाकिस्तान इसे भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई बताता है. लेकिन भारत सरकार ने कभी ऐसी घटनाओं की पुष्टी नहीं की है.

दरअसल, जम्मू कश्मीर में कई आतंकी हमला करवाने वाला और लश्कर-ए-तैयबा का सीनियर कमांडर जिया-उर-रहमान उर्फ नदीम उर्फ अबू कतल उर्फ कतल सिंधी की शनिवार शाम पंजाब प्रांत के झेलम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बंदूकधारियों ने रहमान के सुरक्षा गार्ड की भी हत्या कर दी. रहमान को लश्कर चीफ हाफिज सईद का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था. बाता दें कि वह जम्मू-कश्मीर के पूंछ-राजौरी क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था. भारतीय अफसरों के मुताबिक रहमान ने साल 2000 की शुरुआत में जम्मू क्षेत्र में घुसपैठ की थी और 2005 में वापस पाकिस्तान चला गया था. उसके पास पूंछ और राजौरी में आतंकवादियों के सहयोगियों का मजबूत नेटवर्क था.

भारतीय एजेंसियों के रडार पर था अबू कतल उर्फ कतल सिंधी
गौरतलब है कि नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIa) की जांच में रहमान का नाम कई आतंकवादी वारदातों में  सामने आया था. साथ ही काफी वक्त से रहमान भारतीय एजंसियों के रडार पर था. केंद्रीय एजेंसी ने 2023 में राजौरी के डांगरी गांव में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमले से जुड़े मामले में उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया था. डांगरी गांव में आतंकियों ने एक जनवरी 2023 को अंधाधुंध गोलीबारी कर पांच लोगों की हत्या कर दी थी. हमलावरों ने घटनास्थल पर एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भी छोड़ा था, जिसकी चपेट में आकर अगले दिन दो और लोगों की जान चली गई थी, जबकि 14 अन्य घायल हुए थे.

Add Zee News as a Preferred Source

इन हमलों का भी जिम्मेदार था.
 रहमान को नौ जून 2024 को दर्शन के लिए शिव खोड़ी मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं की बस पर हुए हमले का मास्टरमाइंड भी बताया जाता था. इस हमले में नौ तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 41 अन्य घायल हुए थे. अधिकारियों के मुताबिक रहमान 20 अप्रैल 2023 को भट्टा-दुर्रियन में हुए हमले में भी शामिल था, जिसमें पांच भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. इसके अलावा पांच मई 2023 को कंडी क्षेत्र में 9 पैरा स्पेशल फोर्स पर हुए हमले के पीछे भी उसका हाथ था, जिसमें पांच सैनिकों की जान गई थी.

POK में बैठकर भारत के खिलाफ हमले की कर रहा था प्लानिंग
 अफसरों के मुताबिक, रहमान पाकिस्तानी कबजे वाले कश्मीर (POK) के कोटली जिले में लश्कर के आतंकवादियों की घुसपैठ की योजना बनाने की जिम्मेदारी संभाल रहा था. वह सईद के सबसे भरोसेमंद लोगों में शामिल था. पिछले तीन सालों में पाकिस्तान और पीओके में अज्ञात बंदूकधारियों ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के एक दर्जन से ज्यादा आतंकवादियों की हत्या की है.पारुल

TAGS

Trending news