अमेरिका ने विभिन्न देशों में कैद अपने तमाम कैदियों को रिहा कराने के लिए कैंपेन शुरू किया है. अमेरिका के राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप अलग-अलग देशों के राष्ट्रपति से इस मामले को बातचीत के जरिए कामयाब रहे हैं.
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कुवैत ने अमेरिकी कैदियों के एक समूह को रिहा कर दिया है. ये कैदी कुवैत की जेल में कई सालों से कैद थे. रिहा हुए कैदियों पर मादक पदार्थों (बीयर, वाइन और स्प्रिट्स) से संबंधित इल्जाम थे. बताया गया है कि जेल में बंद कैदियों के समूह में पूर्व सैनिक और सैन्य ठेकेदार शामिल हैं.
इस खबर की जानकारी बुधवार यानी की 13 मार्च को अधिकारी द्वारा दी गई है. साथ ही कुवैत के इस कदम को दो सहयोगी देशों के बीच सद्भावना और संबंध गहरे होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक इससे पहले हाल ही में एडम बोहलर कुवैत भी गए थे, जिसके बाद ही इन कैदियों को रिहा कराने को काम पूरा हुआ है. एडम बोहलर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के बंधक संबंधी मामलों के शीर्ष दूत (top hostage affairs envoy) है.
कुवैत ने 6 कैदियों को रिहा किया
अमेरिकी सरकार विदेशों के जेलों में बंद अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है. उसका यह प्रयास अब कामयाब होता भी नजर आ रहा है. कुवैत ने कुल 6 कैदियों को रिहा किया है. कुवैत से न्यूयॉर्क की उड़ान में इन कैदियों के साथ जोनाथन फ्रैंक्स भी मौजूद थे.
जोनाथन फ्रैंक्स राष्ट्रपति के निजी सलाहकार हैं, जो अमेरिकी बंधकों और बंदियों से संबंधित मामलों को देखते हैं. वह विदेश में कैद अपने नागरिकों को रिहा कराने के लिए काम करते हैं. फ्रैंक्स ने एक बयान में कहा, "मेरे मुवक्किल और उनके परिवार इस मानवीय कार्य के लिए कुवैत सरकार के आभारी हैं."
विदेश मंत्रालय से कोई प्रतिक्रिया नहीं
हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. साथ ही रिहा किए गए कैदियों के नाम सार्वजनिक भी नहीं किए गए हैं.
भले ही कुवैत एक छोटा सा देश है, लेकिन वहां तेल समृद्ध देश है. जो इराक और सऊदी अरब की सीमा से लगा हुआ है और ईरान के भी नजदीक है। इसे अमेरिका का एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी माना जाता है.