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नई दिल्ली: आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी लीडर रघुवंश प्रसाद सिंह का दिल्ली एम्स में इंतेकाल हो गया है. इतेकाल से महज़ तीन दिन पहले ही रघुवंश प्रसाद ने आरजेडी से इस्तीफा दिया था. जानकारी के मुताबिक 10 सितंबर को उन्होंने अस्पताल के बेड से ही राजद प्रमुख लालू यादव को इस्तीफा भेज था.
अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा था कि जन नायक कर्पूरी ठाकुर के इंतेकाल के बाद 32 साल तक आपके पीठ पीछे खड़ा रहा, लेकिन अब नहीं. पार्टी, नेता, कारकुन और अवाम का बहुत प्यार मिला, मुझे माफ करें.
रघुवंश प्रसाद की मौत के बाद लालू प्रसाद ने यादव ने भी दुख का इज़हार किया है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा,"प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया? मैनें परसों ही आपसे कहा था आप कहीं नहीं जा रहे हैं लेकिन आप इतनी दूर चले गए. नि:शब्द हूँ। दुःखी हूं. बहुत याद आएंगे."
प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया?
मैनें परसों ही आपसे कहा था आप कहीं नहीं जा रहे है। लेकिन आप इतनी दूर चले गए।
नि:शब्द हूँ। दुःखी हूँ। बहुत याद आएँगे।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) September 13, 2020
बता दें कि रघुवंश प्रसाद सिंह की शिनाख्त एक बेदाग और ईमानदार लीडर के तौर पर होती रही है. अपने सियासी ज़िंदगी में रघुवंश प्रसाद सिंह ने कई ऐसे काम किए, जो मिसाल बन गए, चाहे वह मनरेगा और नरेगा हो या फिर मुल्क में हर जगह सड़क पहुंचाने का काम, रघुवंश बाबू के काम की चर्चा हमेशा होती रही.
सबसे खास बात यह रही कि उनके पार्टियों के साथ अच्छे रिश्ते रहे हैं. बीते दिनों जब वह बीमार थे तो पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने उन्हें फोनकर हालचाल जाना था. साथ ही जेडीयू चीफ और बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी कई बार आम मंचों से रघुवंश प्रसाद सिंह की तारीफ कर चुके हैं.
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