)
Lebanon Israel Tension: गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से लेबनान स्थित हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच युद्ध छिड़ गया था. इस संघर्ष में हजारों लोग मारे गए हैं. पिछले साल इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम समझौता हुआ था, लेकिन इजरायल ने बार-बार इस समझौते का उल्लंघन किया है. हाल ही में इजरायली सेना ने लेबनान में छापा मारा, जिसमें एक लेबनानी कर्मचारी मारा गया. इस घटना के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध बिगड़ गए हैं. इस बीच राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा कि लेबनान के पास इजरायल के साथ बातचीत करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कूटनीति को युद्ध पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए. राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में यह बात कही गई है. राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा कि राजनीति कूटनीति, अर्थव्यवस्था और युद्ध तीन साधन होते हैं. जब युद्ध का कोई नतीजा नहीं निकलता, तो हम और क्या कर सकते हैं? दुनिया का हर युद्ध अंततः बातचीत से ही समाप्त होता है और बातचीत कभी किसी मित्र या सहयोगी के साथ नहीं, बल्कि किसी दुश्मन के साथ होती है."
उन्होंने आगे कहा कि "बातचीत की भाषा युद्ध की भाषा से ज़्यादा महत्वपूर्ण है, जिसे हमने केवल विनाश लाते देखा है और संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी और प्रधानमंत्री नवाफ़ सलाम सहित लेबनान के नेतृत्व के कूटनीतिक प्रयासों की प्रशंसा की. औन ने ज़ोर देकर कहा कि लेबनान के राष्ट्रीय हित को राजनीतिक, धार्मिक और सांप्रदायिक विचारों पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने राजनेताओं से चुनावी महत्वाकांक्षाओं की बजाय राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता देने और सांप्रदायिक विभाजन से आगे बढ़ने का आग्रह किया, जिसने लंबे समय से देश की स्थिरता को कमजोर किया है. अक्टूबर के आखिर में औन ने लेबनानी सेना को सीमावर्ती गांव ब्लिडा पर एक घातक हमले के बाद दक्षिण में किसी भी इज़राइली घुसपैठ का जवाब देने का आदेश दिया था, जिसका हिज़्बुल्लाह नेता नईम कासिम ने स्वागत किया था.
पिछले साल हुआ था सीजफायर समझौता
पिछले साल नवंबर के आखिर से इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता वाला युद्धविराम लागू है, जिसने गाजा में युद्ध के कारण महीनों से चल रही सीमा पार शत्रुता को रोक दिया है. युद्धविराम के बावजूद इज़राइल ने लेबनान में कभी-कभार हमले जारी रखे हैं, यह कहते हुए कि वह हिज़्बुल्लाह के "खतरों" को निशाना बना रहा है. लेबनान और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इन हमलों की निंदा युद्धविराम का उल्लंघन बताते हुए की है.