कोविड महामारी में किया था काम; लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने बख्शी इज्ज़त

सोमवार को जारी पुस्तक में मानव प्रयास, संरचना, शिक्षा, रक्षा, सरकार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, साहसिक, व्यापार, सिनेमा, प्राकृतिक दुनिया, साहित्य और कला क्षेत्र की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया.  

कोविड महामारी में किया था काम; लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने बख्शी इज्ज़त
अलामती तस्वीर

नई दिल्लीः ’लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ (एलबीआर) के एक खास संस्करण में अपने निस्वार्थ कामों से मुल्क की मदद करने वाले अग्रिम पंक्ति के कोविड-19 कर्मियों और नए अविष्कारकों का सम्मान किया गया. सोमवार को जारी पुस्तक में मानव प्रयास, संरचना, शिक्षा, रक्षा, सरकार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, साहसिक, व्यापार, सिनेमा, प्राकृतिक दुनिया, साहित्य और कला क्षेत्र की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया. इस पुस्तक के प्रकाशन को 2021 में 30 साल पूरे हो चुके हैं. 

पोर्टेबल वेंटिलेटर बनाने वाले का सम्मान  
इस बार इसमें कोविड-19 के दौरान भारतीय नागरिकों की वतन वापसी के लिये चलाए गए दुनिया के सबसे बड़े अभियान वंदे भारत, निखिल कुरेले और हर्षित राठौर द्वारा कम लागत में विकसित किये गए पोर्टेबल वेंटिलेटर नोकार्क रोबोटिक्स, इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के सहयोग से भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोवैक्सीन टीके, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कोविशील्ड टीके पर प्रकाश डाला गया है.

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