Protest against Waqf Amendment Act: वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ मुस्लिम संगठनों ने एक बार फिर आंदोलन शुरू कर दिया है. महाराष्ट्र के औरंगाबाद में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बैनर तले एक जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें मजहबी रहनुमा समेत, राजनेताओं ने भी हिस्सा लिया, और कानून वापस न लेने पर सरकार को गंभीर खामियाजा भुगतने की चेतावनी दी गई है. पूरी जानकारी के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Protest against Waqf Amendment Act: वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलन एक बार फिर से जोड़ पकड़ने लगा है. दरअसल, भारत-पाक तनाव की वजह से मुस्लिम संगठनों ने आंदोलन को कुछ वक्त के लिए रोक दिया था. सीजफायर के बाद से वक्फ बचाव आंदोलन फिर से शुरू हो गए हैं. इसी कड़ी में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अगुवाई में औरंगाबाद में वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ जनसभा का आयोजन किया गया. इस आयोजन का मकसद सरकार के कथित वक्फ विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था.
इस जलसा में AIMPLB के जिम्मेदार, राजनीतिक दलों के नेताओं और दीगर मजब के रहनुमा ने वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ अपनी बाते रखी. इस अवसर पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मोहम्मद यासीन अली बदायुनी ने मुस्लिम कम्युनिटी को संबोधित करते हुए कहा कि "यह मुल्क आपका है, आप द्वितीय श्रेणी के नागरिक नहीं हैं." उन्होंने कहा कि यह मुल्क भटक गया है, जिसे सही रास्ते पर लाना हमारी जिम्मेदारी है.
शरीयत में सरकार ने करे हस्तक्षेप
यासीन अली ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ वक्फ की प्रॉपर्टी की हिफाज़त की नहीं है, बल्कि भारत के संविधान के अस्तित्व का भी है. संविधान को बचाए रखने के लिए अब धर्मनिरपेक्ष लोगों को कमर कसनी होगी. पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलाना उमरीन महफूज रहमानी ने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ यह सार्वजनिक बैठक सरकार को क्लियर मैसेज है कि वह दीवार पर लिखी इबारत को पढ़ ले और शरीयत में हस्तक्षेप करने की कोशिश करना बंद कर दे.
वक्फ संशोधन कानून सरकार के पतन का बनेगी वजह
मौलाना महफूज रहमानी ने कि सरकार जल्द से जल्द इस काले कानून को वापस लें, नहीं तो यह काला कानून सरकार के पतन का कारण बन सकता है. औरंगाबाद के ऐतिहासिक आम खास मैदान में आयोजित इस विरोध रैली में हजारों मर्द और औरतों ने हिस्सा लिया. बरसात के मौसम के बावजूद लोगों ने मौका नहीं गंवाया और वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया. रैली वक्त पर शुरू हुई और रात 10 बजे समाप्त हुई.
AIMPLB के बैनर तले हो रहे हैं वक्फ बचाव आंदोलन
गौरतलब है कि AIMPLB भारत के अलग-अलग सूबे में वक्फ बचाव आंदोलन के तहत सभा कर रही है, जिसमें कई मुस्लिम संगठन, मजहबी रहनुमा, विपक्षी पार्टियों के नेता और बड़े तादाद में मुस्लिम समाज के लोग शिरकत कर रहे हैं. इस आंदोलन के मदद से मुस्लिम समाज को कथित वक्फ विरोधी कानून के बारे में बताना, और जागरूक करने का दावा किया जा रहा है. साथ ही मैजूदा केंन्द्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है.