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पाकिस्तान का साथ देना पड़ा तुर्की-अजरबैजान को भारी, महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स का बड़ा ऐलान

Turkey Azerbaijan Boycott India: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के लोगों और व्यापारियों ने पाकिस्तान का समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ आवाज उठाई है और बहिष्कार का ऐलान किया है.

पाकिस्तान का साथ देना पड़ा तुर्की-अजरबैजान को भारी, महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स का बड़ा ऐलान

Turkey Azerbaijan Boycott India: 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ गया. इस जंग के बाद दुनिया दो हिस्सों में बंट गई.पाकिस्तान के समर्थन में कई मुस्लिम देश आए, जिनमें अजरबैजान और तुर्की प्रमुख नाम हैं. वहीं, भारत के समर्थन में तमाम पश्चिमी देश खड़े हो गए. इस जंग में पाकिस्तान का भारी नुकसान हुआ और कई सैन्य अड्डे तबाह हो गए. इस हिंसा के बाद पूरा देश एकजुट होकर पाकिस्तान का समर्थन करने वाले देशों का बहिष्कार करने लगा.

इसी कड़ी में महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर की एक महत्वपूर्ण बैठक में दहशतगर्दी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान, तुर्की और अजरबैजान के उत्पादों के बहिष्कार का फैसला किया है. यह बैठक नासिक में आयोजित की गई, जिसमें शहर के प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक संघों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया.

पाकिस्तान का साथ देना पड़ा महंगा
इस प्रस्ताव का उद्देश्य ऐसे देशों के उत्पादों का विरोध करना है जो डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से पाकिस्तान का समर्थन कर रहे हैं और जो भारत की सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए खतरा उत्पन्न कर रहे हैं. प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि आतंकवाद और व्यापार साथ-साथ नहीं चल सकते. बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर द्वारा पाकिस्तान, तुर्की और अजरबैजान से आने वाले सभी उत्पादों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा. 

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अजरबैजान और तुर्की का बहिष्कार का ऐलान
व्यापारी वर्ग से इन देशों से आयात बंद करने की अपील की जाएगी. यह बहिष्कार सिर्फ व्यापारिक नहीं, बल्कि नैतिक और राष्ट्रहित में लिया गया कदम माना जाएगा. इस फैसला को व्यापारिक समुदाय द्वारा आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाने वाला कदम माना जा रहा है. प्रतिनिधियों ने कहा कि यह पहल न सिर्फ देशभक्ति की भावना को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक मंच पर देश की स्थिति को मजबूत करने में भी सहायक होगी. महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर द्वारा पारित यह प्रस्ताव आने वाले समय में एक बड़ा संदेश देगा कि भारत का व्यापारिक वर्ग आतंकवाद को किसी भी रूप में समर्थन नहीं देगा और देशहित सर्वोपरि रहेगा. बैठक में राज्य भर से व्यापारीगण उपस्थित थे.

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