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नई दिल्ली: शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने सूचना दी है कि 14 मार्च 2021 को शाबान का चांद नज़र आ गया है. इसलिए कल 15 मार्च 2021 को शाबान की पहली तारीख होगी. हजरत इमाम हुसैन का जन्म दिवस 17 मार्च 2021 और शब ए बरात 28 मार्च 2021 को है.
इस्लामी कैलेंडर के हिसाब से 8वें महीने शाबान का चांद नज़र आ गया है. शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने सूचना दी है. इसलिए कल 15 मार्च 2021 को शाबान की पहली तारीख होगी. इस हिसाब से मुसलमानों की 28 मार्च 2021 को शबे ए बरात होगी.
क्या है शब ए बरात
शब-ए-बारात में दो लफ्ज़ है, जिसमें शब का मतलब रात और बरात का मतलब बरी है. इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक शाबान महीने की 15वीं तारीख को जो रात आती है, वो शब ए बरात है. इस दिन लोग रात भर जागकर अल्लाह की इबादत करते हैं. अल्लाह के बंदे नमाज़, तिलावते कुरान, ज़िक्र और तस्बीह वगैरा का खास एहतिमाम करते हैं. साथ ही अपने रब से हाथ फैलाकर दुआ मांगते है.
क्या है शब ए बरात की अहमियत
इस रात को इस्लाम में सबसे अहम रातों में शुमार किया जाता है. इस्लाम को मानने का यकीन है कि इस रात को हर तरह के फैसले होते हैं. जिस वजह से इस रात को सभी मुस्लिम रातभर जागकर अपने रब को खुश करने की कोशिश करते हैं. रब को खुश करने के अलावा अपने और अम्न के लिए दुआ मांगते हैं. मुस्लिमों का मानना है कि इस रात को सच्चे दिल से इबादत की जाए, गुनाहों से तौबा की जाए तो अल्लाह इंसान के हर गुनाह को माफ़ देता है.
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