Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam2728707
Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंMalegaon Blast Case: NIA ने की साध्वी प्रज्ञा समेत 7 आरोपियों के लिए फांसी की मांग

Malegaon Blast Case: NIA ने की साध्वी प्रज्ञा समेत 7 आरोपियों के लिए फांसी की मांग

Malegaon Blast Case: 2008 मालेगांव बम धमाका केस में NIA ने साध्वी प्रज्ञा समेत 7 आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है. कोर्ट 8 मई को फैसला सुनाएगा. जानिए पूरा मामला और NIA की दलील.

Malegaon Blast Case: NIA ने की साध्वी प्रज्ञा समेत 7 आरोपियों के लिए फांसी की मांग

Malegaon Blast Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मुंबई के स्पेशल कोर्ट से साल 2008 के मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में  साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सभी 7 मुल्जिमों पर UAPA की धारा 16 के तहत मौत की सजा देने की गुजारिश की है. साध्वी प्रज्ञा बीजेपी की पूर्व सांसद है.

दरअसल, महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव शहर में 29 सितंबर 2008 को एक बड़ा बम धमाका हुआ था. इस धमाके में 6 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे. यह धमाका मुस्लिम बहुल इलाके में एक मस्जिद के पास हुआ था. इस मामले में पुलिस ने बीजेपी नेता और पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और उनके साथियों को आरोपी बनाया था.

इन लोगों के खिलाफ कोर्ट सुनाएगा फैसला
इस मामले की सुनवाई अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गई है. शनिवार को NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने अदालत में अपनी आखिरी लिखित दलील पेश की. NIA की यह लिखित रिपोर्ट 1,500 से ज्यादा पन्नों की है. इस मामले में जज ए.के. लाहोटी 8 मई को अपना फैसला सुनाएंगे. इस केस में साध्वी प्रज्ञा, कर्नल प्रसाद पुरोहित, मेजर रमेश उपाध्याय, स्वामी दयानंद पांडे, अजय राहिरकर, समीर कुलकर्णी और सुधाकर चतुर्वेदी पर आरोप है कि उन्होंने हिंदुत्व विचारधारा से जुड़ी एक बड़ी साजिश के तहत धमाके की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया.

Add Zee News as a Preferred Source

NIA ने लिया यूटर्न
NIA ने पहले साध्वी प्रज्ञा को बरी कराने की कोशिश की थी. तब एजेंसी ने कहा था कि उनके खिलाफ कोई मजबूत सबूत नहीं है लेकिन अब NIA ने अपना रुख बदल लिया है. एजेंसी ने अदालत से कहा है कि साध्वी प्रज्ञा के साथ किसी भी तरह की नरमी न बरती जाए. साथ ही बताया कि इस केस में 323 गवाहों में से 32 गवाहों ने दबाव में आकर अपने बयान बदल लिए हैं.

फांसी की मांग
जमीयत उलेमा महाराष्ट्र के लीगल सेल के वकील शाहिद नदीम ने कहा कि एजेंसी ने UAPA कानून की धारा 16 का हवाला दिया है. इसके मुताबिक, अगर किसी आतंकी हमले में किसी की मौत होती है, तो दोषियों को फांसी तक दी जा सकती है. जमीयत के सीनियर वकील शरीफ शेख ने भी साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ सबूतों की गंभीरता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ने साजिश की बैठकों में हिस्सा लिया था और उनकी मोटरसाइकिल एलएमएल फ्रीडम का ही बम धमाके में इस्तेमाल हुआ था. इससे साफ है कि उनका इसमें सीधा रोल था.

TAGS

Trending news