गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि पिछले दो दिनों में जो हाउस में हुआ मुझे नहीं लगता कि उससे कोई भी खुश है. करोड़ों लोगों को जो रिप्रेजेंट करते हैं उन्हें करोड़ों लोग देखते हैं.
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नई दिल्ली: अपोज़ीशन पार्टियों की जानिब से मॉनसून सेशन का बॉयकॉट किए जाने के बाद गुज़िश्ता रोज़ राज्यसभा से मुअत्तल किए गए 8 एमपीज़ ने अपना धरना खत्म कर दिया है. उनका कहना है कि अपोज़ीशन ने राज्यसभा में बॉयकॉट का फैसला लिया है तो इस धरने के कोई मतलब नही रह गया है. एमपीज़ का ये धरना डिप्टी स्पीकर के फैसले की मुखालिफत में था. अपोज़ीशन लीडर गुलाम नबी आजाद ने बॉयकॉट से पहले पार्लियामेंट में कहा कि जब तक आठ मेंबर्स का मानसून सेशन की बाकी मियाद से मुअत्तली वापस नहीं ली जाती तब तक अपोज़ीशन कार्यवाही का बॉयकॉट करेगा.
गुलाम नबी आज़ाद ने आगे कहा कि पिछले दो दिनों में जो हाउस में हुआ मुझे नहीं लगता कि उससे कोई भी खुश है. करोड़ों लोगों को जो रिप्रेजेंट करते हैं उन्हें करोड़ों लोग देखते हैं. जो टारगेट है यहां आने का वो तो पूरा होना चाहिए. जब तक हमारे एमपीज़ के संस्पेंशन को वापिस नहीं लिया जाता और किसान के बिलों से मुतअल्लिक हमारी मांगों को नहीं माना जाता अपोज़ीशन सेशनल से बायकॉट करती है.
इसके अलावा समाजवादी पार्टी के सीनियर लीडर रामगोपाल यादव ने कहा, 'मैं हाउस का सीनियर मेंबर हूं. मैंने जो कुछ भी हाउस में हुआ था, उसके लिए माफी भी मांगी थी लेकिन मुझे कोई रद्देअमल नहीं मिली. मैंने इससे खुद को बहुत अपमानित महसूस किया. मेरी पार्टी ने इस पूरे सेशन का बॉयकॉट करने का फैसला लिया है.'
वहीं राज्य सभा के स्पीकर एम. वेंकैया नायडू ने कहा, 'मैं मेंबर्स की मुअत्तली से खुश नहीं हूं. यह कार्रवाई उनके रवय्ये के चलते की गई है. हम किसी भी मेंबर के खिलाफ नहीं है. हम अपोज़ीशन के मेंबरों से अपने फैसला पर गौर करने और सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने की अपील करते हैं.'
बता दें कि इतवार के रोज़ राज्य सभा में किसान बिल पर बहस के दौरान हंगामा करने वाले एमपीज़ पर पीर को राज्य सभा स्पीकर एम वेंकैया नायडू ने सख्त कार्रवाई की है. राज्यसभा स्पीकर वेंकैया नायडु ने डेरेक ओ'ब्रायन, संजय सिंह, राजीव सातव, के.के. रागेश, रिपुन बोरा, डोला सेन, सैयद नजीर हुसैन और एलामरम करीम को एक हफ्ते के लिए हाउस से मुअत्तल कर दिया था.
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